अरावली का भविष्य खतरे में,भाजपा सरकार का रवैया भ्रामक:सचिन पायलट

Jaipur Rajasthan

जयपुर में आयोजित ‘अरावली बचाओ पदयात्रा’ को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अरावली पर्वत श्रृंखला को उत्तर भारत के लिए “प्राकृतिक सुरक्षा कवच” बताया। उन्होंने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों का समूह नहीं, बल्कि लाखों लोगों के पर्यावरण और जीवन की रक्षा करने वाली विरासत है।

सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर अरावली की परिभाषा बदलकर उसे असुरक्षित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश पहाड़ियां 100 मीटर से कम ऊंचाई की हैं और नई परिभाषा लागू होने से 90 से 95 प्रतिशत अरावली क्षेत्र खनन के दायरे में आ सकता है।

उन्होंने दावा किया कि नए खनन पट्टों पर रोक के बावजूद अवैध खनन जारी है और सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है। पायलट ने सरकार पर आंकड़ों के जरिए जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए खनन से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की भी मांग की।