गुर्जर कैबिनेट मंत्री नहीं होने पर सियासत गर्म,बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश

Jaipur Rajasthan

बीजेपी सरकार में गुर्जर समाज से कोई कैबिनेट मंत्री नहीं होने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेता विजय बैंसला ने समाज के कार्यक्रम में इस मुद्दे को उठाते हुए नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में इस बयान की चर्चा हो रही है।

वर्तमान में भजनलाल सरकार में गुर्जर समाज से 6 विधायक हैं, लेकिन केवल एक राज्य मंत्री, जवाहर सिंह बेढ़म, सरकार में शामिल हैं। इस मुद्दे पर अब पिछली कांग्रेस और बीजेपी सरकारों से तुलना की जा रही है, जब गुर्जर समाज को कैबिनेट स्तर के पद मिले थे।

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सियासी दबाव

भजनलाल सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने की संभावना है। ऐसे में गुर्जर समाज ने इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। राजनीतिक जानकार इस समय को रणनीतिक तौर पर अहम मान रहे हैं।

6 मंत्रियों की जगह खाली

वर्तमान में भजनलाल सरकार में 30 मंत्रियों की अनुमति है, लेकिन अभी तक 6 पद खाली हैं। इस बीच गुर्जर समाज से कैबिनेट मंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ रही है।

पिछली सरकारों का रिकॉर्ड

अशोक गहलोत सरकार में पहले सचिन पायलट डिप्टी सीएम थे और अशोक चांदना स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री। बाद में शकुंतला रावत को कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
वसुंधरा सरकार में भी गुर्जर समाज को प्रतिनिधित्व मिला था। पहले कार्यकाल में कालूलाल गुर्जर कैबिनेट मंत्री थे, जबकि दूसरे कार्यकाल में हेम सिंह भडाना को प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।

अब देखना यह है कि गुर्जर समाज की मांग को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है।