मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सशक्त हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था:राजस्थान में दुग्ध उत्पादन व प्रोसेसिंग क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि,डेयरियों के वार्षिक मुनाफे में 46% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

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जयपुर, 2 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री शर्मा की डेयरी क्षेत्र को दी गई विशेष प्राथमिकताओं एवं प्रोत्साहनकारी नीतियों का परिणाम है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं पशु आहार का वार्षिक टर्नओवर 8,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तक पहुँच गया है। 

वार्षिक मुनाफे में 46 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
दुग्ध उत्पादन एवं प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि राज्य के डेयरी सेक्टर को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस उल्लेखनीय प्रगति के फलस्वरूप डेयरी क्षेत्र में वार्षिक मुनाफे में 46 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी पिछले 47 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक है। इसके साथ ही, राज्य की 24 दुग्ध संघों में से पहले घाटे में चल रहे 15 संघ अब लाभ की स्थिति में आ चुके हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और दुग्ध उत्पादक किसानों के विश्वास और योगदान का परिणाम है।

प्रसंस्करण क्षमता को 65 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँचाने का लक्ष्य
राज्य की डेयरी प्रसंस्करण क्षमता भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। पिछले वर्ष 48 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता को बढ़ाकर अब 52 लाख लीटर प्रतिदिन कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष के अंत तक इसे 65 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। यह विस्तार राज्य में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण एवं वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

1,000 नई डेयरी सहकारी समितियों का गठन
डेयरी सहकारिता को मज़बूत करते हुए पिछले एक वर्ष में 1,000 नई डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया गया है, 2,000 संकलन केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 1 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी नेटवर्क से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं तथा दूध उत्पादक किसानों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

10 हजार फ्लोटैक्सी बायो-गैस प्लांट
पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रामीण किसानों के घरों पर 10 हजार फ्लोटैक्सी बायो-गैस प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें से लगभग 2 हजार 500 फ्लोटैक्सी बायो-गैस प्लांट लगाए जा चुके हैं। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी, बल्कि पशुपालकों की लागत में भी कमी आएगी।

मुख्यमंत्री शर्मा की मंशा के अनुरूप डेयरी क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी विकास, किसान हितैषी योजनाओं एवं सहकारिता की भावना के साथ राजस्थान को दुग्ध उत्पादन के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है।