केरल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में NDA सरकार बनने का भरोसा जताया है। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में “बदलाव की हवा” चल रही है और 9 अप्रैल को मतदान के बाद 4 मई को नतीजे दशकों के “कुशासन” का अंत करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में लोगों का समर्थन और खासकर महिलाओं का भरोसा NDA के पक्ष में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहली बार केरल में BJP-NDA की सरकार बनने जा रही है।
रैली के दौरान नरेंद्र मोदी ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों गठबंधन वोट बैंक की राजनीति के लिए “कट्टरपंथी तत्वों” को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मुनंबम वक्फ विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के बजाय ऐसे तत्वों के साथ खड़ी नजर आती है।
प्रधानमंत्री ने राज्य के बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सड़कों, पुलों और स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खराब है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने केरल को पहले की तुलना में पांच गुना अधिक फंड दिया है।
विदेश नीति के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट पर “गैर-जिम्मेदाराना बयान” भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खाड़ी देशों के संपर्क में है और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केरल में रैलियों के दौरान प्रधानमंत्री और LDF सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार “बाहरी प्रभाव” में काम कर रही है और प्रधानमंत्री LDF की आलोचना नहीं करते।
केरल में इस बार चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है, जहां LDF, UDF और NDA आमने-सामने हैं। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

