राजस्थान के कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘जल संसाधन भवन’ का लोकार्पण किया और इसके बाद जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के साथ संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
बैठक के दौरान बिरला ने निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता में कमी पर नाराज़गी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को नोटिस जारी कर ब्लैकलिस्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना जरूरी है, ताकि किसानों और आमजन को सीधा लाभ मिल सके।
समीक्षा बैठक में ‘आरआरआर’ कार्यों, पाटली परियोजना और सोलर आधारित माइक्रो लिफ्ट योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। रामगंजमंडी के असिंचित क्षेत्रों को तकली मध्यम सिंचाई परियोजना से जोड़ने और मध्य प्रदेश के गांधी सागर से पानी लाने की संभावनाओं पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, नहरों की समय पर सफाई, जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
इस दौरान मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भी परियोजनाओं के समय पर पूरा नहीं होने पर नाराज़गी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। अधिकारियों ने पार्वती-कालिसिंध-चंबल लिंक परियोजना समेत अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
इसी दौरे के दौरान बिरला ने श्रीनाथपुरम में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विकास पथ का शिलान्यास भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोटा के समग्र विकास के लिए बनाई गई योजनाएं अब जमीन पर उतर रही हैं और आने वाले समय में शहर का आधुनिक और स्मार्ट स्वरूप दिखाई देगा।
उन्होंने शहर में कनेक्टिविटी सुधार, पेयजल परियोजनाओं, खेल और पर्यटन विकास, आवास योजनाओं तथा मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि कोटा को शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा।

