नई दिल्ली: मनसुख मंडाविया ने कहा है कि कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रेसिडेंट डोनाल्ड रुकारे भारत की 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों और ‘खेलो इंडिया’ पहल से प्रभावित हुए हैं।
मंत्री ने बताया कि हाल ही में हुई मुलाकात में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद सहित अन्य शहरों में खेल ढांचे और तैयारियों का जायजा लिया और उन्हें संतोषजनक पाया। उन्होंने कहा कि भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स को एथलीट-केंद्रित, तकनीक-समर्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर जोर दे रहा है।
मनसुख मंडाविया ने यह भी बताया कि खेलों में पारंपरिक भारतीय खेलों को शामिल करने पर चर्चा चल रही है, जिनमें कबड्डी, खो-खो, मल्लखंभ और योगासन जैसे खेलों में से कम से कम दो को शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहल जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत विभिन्न आयु वर्ग और समुदायों के खिलाड़ी—चाहे सामान्य हों या विशेष जरूरतों वाले—राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
इस बीच, खेल मंत्री ने फॉर्मूला-1 रेसिंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत 2027 तक फॉर्मूला-1 रेस की वापसी की योजना बना रहा है और इस संबंध में अगले छह महीनों में संबंधित पक्षों के साथ बैठक होगी।
गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में 2011 से 2013 के बीच फॉर्मूला-1 रेस आयोजित हुई थी। अब सरकार इस प्रतिष्ठित इवेंट को दोबारा शुरू करने की संभावनाएं तलाश रही है।
सरकार का कहना है कि मजबूत खेल बुनियादी ढांचे, बढ़ती भागीदारी और दीर्घकालिक योजना के साथ भारत वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार है।

