कैबिनेट के कई बड़े फैसले:सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से लेकर सेमीकंडक्टर,रेलवे और किसानों के लिए योजनाओं को मंजूरी

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केंद्र सरकार ने मंगलवार को कई अहम नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी, जिनमें न्यायपालिका की क्षमता बढ़ाने, सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने, किसानों और उद्योगों को राहत देने तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए संशोधन विधेयक लाने को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्याय प्रणाली अधिक प्रभावी हो सकेगी।

इसके साथ ही, भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात में करीब 3,900 करोड़ रुपये के निवेश से दो नई सेमीकंडक्टर इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। इनमें मिनी और माइक्रो एलईडी डिस्प्ले निर्माण तथा चिप पैकेजिंग से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) 5.0 को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत एमएसएमई और अन्य क्षेत्रों को अतिरिक्त ऋण सुविधा दी जाएगी। इस योजना के जरिए लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये के ऋण प्रवाह का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वैश्विक परिस्थितियों के बीच व्यवसायों को सहारा मिल सके।

कृषि क्षेत्र में, सरकार ने 5,659 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ ‘कपास उत्पादकता मिशन’ को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य 2030-31 तक कपास उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार कर भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

इसी के साथ गन्ना किसानों के लिए 2026-27 सीजन हेतु 365 रुपये प्रति क्विंटल का उचित एवं लाभकारी मूल्य तय किया गया है, जिससे करोड़ों किसानों को लाभ मिलने की बात कही जा रही है।

बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर, रेलवे की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लागत 23,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं से लगभग 900 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार होगा और यातायात क्षमता बढ़ेगी।

इसके अलावा, गुजरात के वडीनार में 1,570 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र स्थापित करने की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि ये सभी फैसले मिलकर न्याय व्यवस्था, औद्योगिक विकास, कृषि सुधार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।