भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, शुक्रवार को पाकिस्तान ने लगातार दूसरे दिन भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। शाम होते ही जम्मू-कश्मीर के उरी, तंगधार, केरन, मेंढर, नौगाम, आरएसपुरा, अरनिया और पुंछ सेक्टरों में फायरिंग शुरू हो गई।
रात 8:30 बजे के बाद, पाकिस्तान ने गुजरात, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पंजाब के 20 शहरों पर ड्रोन अटैक किए, जिनमें श्रीनगर एयरपोर्ट भी शामिल था। अवंतीपोरा एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन अटैक को भारतीय वायुसेना ने नाकाम किया, हालांकि वहां एक बड़ा धमाका सुना गया। चंडीगढ़ और अंबाला में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है।
इन हमलों के जवाब में, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के 21 से अधिक प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान ने इन हमलों में नागरिक हताहतों का दावा किया है, जबकि भारत ने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।
भारत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली, विशेष रूप से S-400 मिसाइल सिस्टम, का उपयोग करके पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को विफल किया। इन हमलों में जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, जैसलमेर और बाड़मेर जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया गया था।
भारत सरकार ने टेरिटोरियल आर्मी के जवानों को सक्रिय करने का आदेश दिया है और राज्यों को आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करने की अनुमति दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं के पूर्व प्रमुखों के साथ बैठक की, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुखों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों देशों से जल्द से जल्द तनाव कम करने की अपील की है।
इस बीच, भारत ने आश्वासन दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और अनाज का पर्याप्त भंडार है, और घबराकर खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
भारत और पाकिस्तान के बीच यह हालिया संघर्ष 22 अप्रैल को भारतीय कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है।
दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।

