टी. आर सैनी
नैनवां,1 जून । केंद्र सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर “जी राम जी” (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण या VB-G RAM G) तो कर दिया है। लेकिन धरातल पर इस योजना में काम मांगने वाले श्रमिको को धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा रहा है । सोमवार को नैनवां उपखण्ड क्षेत्र के खानपुरा पंचायत में ऐसा ही मामला सामने आया है । ग्रांम पंचायत खानपुरा क्षेत्र के खानपुरा, टोपा एवं किरो का झोपड़ा गांव के मनरेगा श्रमिकों ने रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
इससे पूर्व तीनों गांवों के महिला एवं पुरुष श्रमिक ग्राम पंचायत कार्यालय पर करीब एक घंटे तक धरने पर बैठे रहे। श्रमिकों का आरोप था कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर वे उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए तत्काल मनरेगा मस्टरोल जारी करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि खानपुरा, टोपा एवं किरो का झोपड़ा गांव में लघु एवं सीमांत किसान तथा श्रमिक वर्ग के लोग निवास करते हैं। हाल ही में हुई ओलावृष्टि से फसलें नष्ट हो जाने के कारण ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद बार-बार मांग करने पर भी ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
श्रमिकों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिन के भीतर मनरेगा में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो उपखंड अधिकारी कार्यालय पर उग्र आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ज्ञापन के दौरान सीताराम खानपुरा, भूरी बाई, रामसहाय गुर्जर, रामप्यारी, दुर्गा बाई, जितेंद्र चौपदार, कैलाश, सुगना, चंदा, कजोड़ी बाई सहित सौ से अधिक महिला एवं पुरुष श्रमिक उपस्थित रहे।

