जयपुर: राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को ‘अमृत महोत्सव’ के तहत ‘विधान गौरव यात्रा: भूतपूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का सम्मेलन’ का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल समेत पूर्व और वर्तमान विधायक शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विधानमंडल केवल कानून बनाने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र की ऐसी ‘पाठशालाएं’ हैं, जहां जनप्रतिनिधि संवाद, अनुशासन, सहमति और जनसेवा के मूल्यों को सीखते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस और दूसरों को सुनने की संस्कृति लोकतंत्र को मजबूत बनाती है, जबकि व्यक्तिगत मतभेद लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करते हैं।
बिरला ने कहा कि लोकतंत्र केवल संवैधानिक प्रावधानों से नहीं, बल्कि जनविश्वास, संवाद, गरिमा और सेवा-भावना से मजबूत होता है। उन्होंने युवा जनप्रतिनिधियों से अध्ययन, तथ्यों पर आधारित बहस और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने विधानसभाओं की कार्यवाही के डिजिटल संरक्षण और आधुनिक तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने पर मनाया जा रहा ‘अमृत महोत्सव’ प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपराओं, जन-आकांक्षाओं और लोकतंत्र में आस्था का ऐतिहासिक उत्सव है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 में शुरू हुई विधानसभा की यात्रा आज सुशासन और जनकल्याण की मजबूत आधारशिला बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत महोत्सव केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे वर्ष चलने वाला आयोजन होगा। इसके तहत संविधान, संसदीय परंपराओं, लोकतंत्र की चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटल रूपांतरण जैसे विषयों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि पूर्व और वर्तमान विधायकों का यह सम्मेलन अनुभव और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम है। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा ने पिछले 75 वर्षों में भूमि सुधार, पंचायती राज और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कानून बनाकर राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह महोत्सव केवल विधानसभा के इतिहास का उत्सव नहीं, बल्कि आम लोगों को सशक्त बनाने वाले जनहितैषी कानूनों का भी सम्मान है। उन्होंने सदन की कार्यवाही के दिनों की संख्या बढ़ाने और सभी जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त अवसर देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, कई सांसद, मंत्री, पूर्व सांसद, वर्तमान एवं पूर्व विधायक और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।

