राजस्थान पुलिस में एक अहम प्रशासनिक बदलाव के तहत राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) यू.आर. साहू ने 48 डिप्टी एसपी के तबादलों और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल में कई निरीक्षकों को पदोन्नति देकर डिप्टी एसपी बनाया गया है और उन्हें राज्यभर के विभिन्न जिलों व विशिष्ट शाखाओं में नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
ये तबादले पूर्णतः प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं और जिन शाखाओं में अधिकारियों की तैनाती की गई है, उनमें साइबर क्राइम, महिला अपराध अनुसंधान, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), एससी-एसटी सेल, नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी गैंगस्टर यूनिट, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) और राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (RAC) प्रमुख हैं।
कौन कहां तैनात हुआ?
नई तैनाती सूची के अनुसार:
- गजेंद्र सिंह को पुलिस कंट्रोल रूम जयपुर,
- उदय सिंह को साइबर क्राइम भीलवाड़ा,
- लक्ष्मण सिंह चौधरी को बाड़मेर,
- विजय कुमार मीणा को चूरू,
- ओमप्रकाश मीणा को बूंदी और
- गिर्राज गर्ग को चित्तौड़गढ़ भेजा गया है।
इसके अलावा कई अधिकारियों को महिला अपराध अनुसंधान सेल की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें नागौर, पाली, श्रीगंगानगर और भीलवाड़ा में सतीश कुमार, अमृतलाल सोनी, कुलदीप सिंह और शिल्पा की तैनाती हुई है।
विशेष शाखाओं में भी बड़ी नियुक्तियाँ
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में परमेश्वर लाल, सुरेश कुमार स्वामी, किशन सिंह चारण और विजय सिंह की नियुक्ति की गई है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में प्रमोद कुमार शर्मा (नागौर), मनीष देव (जोधपुर), विक्रम सिंह चौहान (बीकानेर) और प्रदीप सिंह चारण (जयपुर ग्रामीण) को जिम्मेदारी मिली है।
एसओजी की एसआईटी टीम में जितेंद्र नावरिया, कमल नयन, रोहित श्रीवास्तव और फूलचंद टेलर को भेजा गया है। वहीं, एससी-एसटी सेल में रामनाथ सिंह, शीशराम मीणा, करणी सिंह, सत्यनारायण गोदारा, छुट्टन लाल मीणा और अनिल कुमार को तैनात किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ:
- शिवराज सिंह को मानव तस्करी विरोधी सेल,
- भंवरलाल बुनकर को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स,
- सुरेंद्र कुमार को पीटीएस अलवर,
- रविंद्र सिंह को पीटीएस खेरवाड़ा,
- गुरजिंदर सिंह को पीटीएस बीकानेर और
- सुमेर सिंह को डिस्कॉम जालौर में तैनात किया गया है।
डीजीपी यू.आर. साहू द्वारा जारी निर्देश में सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द अपनी नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल राज्य में पुलिस तंत्र को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।

