नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने संसद परिसर से प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास, लोक कल्याण मार्ग, की ओर मार्च किया। पार्टी का कहना था कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों, परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस की ओर से इस पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से नहीं डरती और छात्रों के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे छात्रों के अधिकारों और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग से जुड़ा आंदोलन बताया।
उधर, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार NEET से जुड़े मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार थी। उनका दावा है कि बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पहले केवल चर्चा की मांग रखी थी, लेकिन बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अतिरिक्त शर्त जोड़ दी। कांग्रेस ने इस दावे पर अलग रुख अपनाया है।
कांग्रेस के अनुसार, पार्टी ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा विवाद के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी छात्रों के समर्थन में अपना जन्मदिन सार्वजनिक रूप से नहीं मनाने का फैसला किया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता उनके आवास से पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े।
इधर, संसद के मानसून सत्र के दौरान भी NEET-UG 2026 और छात्रों के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा और जवाबदेही की मांग की, जबकि सरकार का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।

