मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले—धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आस्था धामों पर सुविधाएं बढ़ाई जाएं

Jaipur Rajasthan

जयपुर, 23 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को प्रदेश के प्रमुख आस्था धामों के विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण की बैठक ली। उन्होंने प्रगतिरत विकास कार्यों को समय से पूर्ण करने एवं नए विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण एवं अजमेर विकास प्राधिकरण को समन्वय के साथ ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर, सरोवर परिक्रमा मार्ग एवं घाटों के विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने देवस्थान विभाग को फेज-1 के तहत तनोट माता मंदिर से जुड़े विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए भी निर्देशित किया।

उन्होेंने कहा कि पूंछरी का लौठा में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने डीग जिला कलक्टर को गुरु पूर्णिमा मेले की सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, बिजली, पानी सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाटू श्याम जी मंदिर एवं आस-पास के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर सौन्दर्यीकरण और विकास कार्य करवाएं तथा वाहनों एवं श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना भी बनाई जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को इन सभी कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बेणेश्वर धाम में स्टैच्यू, धर्मशाला, रसोई घर के निर्माण एवं घाटों के विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने रामदेवरा मेले की तैयारियों का फीडबैक लिया तथा जैसलमेर जिला कलक्टर को श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले पदयात्रियों के लिए सभी मार्गों में आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पैनोरमाओं के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि ये हमारी धरोहर हैं, इसलिए इनका उचित रखरखाव करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूल के विद्यार्थियों को पैनोरमा विजिट करवाकर गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाया जाए।

मुख्यमंत्री ने देवस्थानों से जुड़ी बजट घोषणाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के प्रमुख मंदिरों को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित जल संसाधन, मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त, स्वायत्त शासन एवं देवस्थान विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, नगरीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।