जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा के मौके पर रविवार को मेहंदी लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अचानक भीड़ बढ़ने से मंदिर और आसपास के इलाकों में कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान महाराष्ट्र से आई एक महिला श्रद्धालु के बेहोश होने की जानकारी सामने आई है।
मंदिर प्रशासन के मुताबिक, करीब तीन घंटे में 3,500 किलो मेहंदी खत्म हो गई। शाम करीब सात बजे मेहंदी खत्म होने का ऐलान किया गया और श्रद्धालुओं से घर लौटने की अपील की गई। इसके बाद भीड़ के लौटने से जयपुर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बनी।
सोशल मीडिया की रील्स के बाद दूसरे शहरों से पहुंचे लोग
मेहंदी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार रील्स और पोस्ट शेयर होने के बाद जयपुर के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, पुणे, इंदौर, भोपाल और आगरा समेत कई शहरों से लोग मंदिर पहुंचे।
कुछ लोग अपने बच्चों के लिए तो कुछ अपनी बहनों के लिए मेहंदी लेने आए थे। कई श्रद्धालु शनिवार रात को ही जयपुर पहुंच गए थे।
सोशल मीडिया पर शेयर की गई रील्स में दावा किया जा रहा था कि मोतीडूंगरी गणेश मंदिर की मेहंदी लगाने से अविवाहित लड़के-लड़कियों की शादी हो जाती है। इसी मान्यता के चलते बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचने लगे।
तय समय से पहले शुरू हुआ मेहंदी वितरण
मेहंदी का वितरण पहले शाम सात बजे से शुरू होना था, लेकिन भीड़ बढ़ने के बाद मंदिर प्रशासन ने इसे शाम पांच बजे से शुरू करने का फैसला किया।
दिन बढ़ने के साथ मंदिर के बाहर और आसपास श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। स्थिति गणेश चतुर्थी के दौरान उमड़ने वाली भीड़ जैसी दिखाई दी।
भीड़ को देखते हुए गणेश चतुर्थी के लिए प्रस्तावित ट्रैफिक डायवर्जन भी एक दिन पहले से लागू कर दिया गया। मंदिर के बाहर से लेकर तख्तेशाही रोड और जेएलएन मार्ग तक श्रद्धालुओं की कतारें देखी गईं।
दूसरे शहरों से आए श्रद्धालुओं ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
मेहंदी लेने पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं ने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भीड़ की संख्या के मुकाबले सुरक्षा और प्रबंधन पर्याप्त नजर नहीं आया।
आगरा से आए एक श्रद्धालु दीपक ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर मेहंदी से जुड़ी मान्यता के बारे में जानने के बाद यहां पहुंचे थे। उन्होंने भीड़ के बीच लाइन और मेहंदी वितरण की व्यवस्था स्पष्ट नहीं होने की बात कही।

