भुवनेश्वर/पुरी, 15 सितंबर। राजस्थान, केरल और पंजाब से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा दौरे के दौरान बदलती पत्रकारिता, स्वास्थ्य अनुसंधान, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। यह दौरा भारत सरकार की डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन डिसेमिनेशन (DCID) पहल के तहत आयोजित किया गया था।
दौरे के दौरान पत्रकारों ने PIB भुवनेश्वर, ICMR-राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, लिंगराज मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर, रघुराजपुर शिल्प ग्राम, पुरी के गोल्डन बीच और श्री जगन्नाथ मंदिर का दौरा किया।
डिजिटल दौर में पत्रकारिता की बदलती भूमिका पर चर्चा
PIB भुवनेश्वर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में पत्रकारों ने PIB और केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) के अधिकारियों के साथ मीडिया के बदलते स्वरूप पर चर्चा की।
PIB एवं CBC भुवनेश्वर के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने कहा कि डिजिटल बदलाव ने पत्रकारिता के काम करने के तरीके को बदल दिया है। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में लोग अब सोशल मीडिया फीड के जरिए समाचार प्राप्त करते हैं, जिससे पारंपरिक और डिजिटल मीडिया के बीच अंतर लगातार कम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव के बीच विश्वसनीयता, पेशेवर नैतिकता और पत्रकारिता की जिम्मेदारी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। कार्यक्रम में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत अलग-अलग राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद और आपसी समझ बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
ICMR संस्थान में स्वास्थ्य अनुसंधान की जानकारी
राजस्थान से आए पत्रकार दल ने भुवनेश्वर स्थित ICMR-राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान का भी दौरा किया। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि यहां पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की क्षेत्र-विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों पर शोध किया जाता है।
इनमें मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, टीबी, पोषण, जनजातीय स्वास्थ्य और उभरती संक्रामक बीमारियां शामिल हैं।
वैज्ञानिकों ने संस्थान की आउटब्रेक जांच, मॉलिक्यूलर सर्विलांस और डायग्नोस्टिक तकनीकों से जुड़े काम के बारे में भी पत्रकारों को जानकारी दी।
संस्थान के मुताबिक, इसे ट्राइबल हेल्थ ऑब्जर्वेटरी परियोजना के लिए नोडल केंद्र बनाया गया है। इसके तहत देश के 65 जिलों में करीब छह लाख विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) को शामिल किए जाने की योजना है।
पत्रकारों को संस्थान में विकसित AdFalciVax के बारे में भी बताया गया, जिसे भारत की स्वदेशी रिकॉम्बिनेंट मल्टी-स्टेज मलेरिया वैक्सीन के तौर पर प्रस्तुत किया गया। संस्थान टीबी के लिए राष्ट्रीय रेफरेंस लैबोरेटरी और विभिन्न वायरल एवं संक्रामक बीमारियों से जुड़ी प्रयोगशाला सेवाओं में भी सहयोग करता है।
कोणार्क और रघुराजपुर में ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत से परिचय
दौरे के दौरान पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने विश्व धरोहर स्थल कोणार्क सूर्य मंदिर का भ्रमण किया। अधिकारियों ने मंदिर की स्थापत्य शैली, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसकी नक्काशी के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद दल रघुराजपुर शिल्प ग्राम पहुंचा, जहां स्थानीय कलाकारों से पट्टाचित्र कला के बारे में जानकारी ली। कलाकारों ने प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक तकनीकों से पट्टाचित्र तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
पुरी के समुद्र तट और जगन्नाथ मंदिर का दौरा
पत्रकारों ने पुरी के गोल्डन बीच का भी दौरा किया और वहां स्वच्छता, पर्यटक सुविधाओं और तटीय पर्यावरण से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए और मंदिर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
भुवनेश्वर में पत्रकार दल ने ऐतिहासिक लिंगराज मंदिर का भी दौरा किया। करीब 11वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर कलिंग स्थापत्य शैली के प्रमुख उदाहरणों में शामिल है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा कई अन्य मंदिर भी स्थित हैं।
इस दौरे के दौरान पत्रकारों को ओडिशा के स्वास्थ्य अनुसंधान, पर्यटन, पारंपरिक कला, सांस्कृतिक विरासत और विकास से जुड़ी गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के पत्रकारों को सरकारी योजनाओं और स्थानीय विकास कार्यों की जमीनी जानकारी उपलब्ध कराना है।

