राजस्थान ANTF का एक साल: 750 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त, 102 इनामी तस्कर गिरफ्तार

Jaipur Rajasthan

ANTF के पहले स्थापना दिवस पर सम्मान समारोह, आईजी विकास कुमार ने गिनाईं एक साल की उपलब्धियां; 30 अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया रक्तदान

जयपुर: राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अपने गठन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस मौके पर जयपुर स्थित ANTF मुख्यालय में प्रथम वर्षगांठ, विशेष सम्मान समारोह और स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ANTF के आईजी विकास कुमार ने बल की एक साल की उपलब्धियों की जानकारी दी और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, ANTF ने अपने पहले वर्ष में 707 कार्रवाई करते हुए 750 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए। इस दौरान मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल 917 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, करीब 28.58 लाख रुपये के इनाम वाले 102 फरार आरोपियों को पकड़ने में भी सफलता मिली।

750 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त

आईजी विकास कुमार के मुताबिक, ANTF ने अपने गठन के पहले ही वर्ष में अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां कीं। इन अभियानों में अफीम, डोडा-पोस्त, हेरोइन, एमडी, कोकीन, गांजा, चरस और नशीली गोलियों समेत विभिन्न मादक पदार्थों की बरामदगी की गई।

बल ने राजस्थान के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कोशिश की। प्रेस नोट के अनुसार, राजस्थान के अलावा नौ से अधिक राज्यों में विशेष टीमें भेजकर तस्करों, सप्लायरों और नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

11 अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्रियों का खुलासा

ANTF ने राज्य में संचालित 11 सिंथेटिक ड्रग यानी एमडीएमए निर्माण इकाइयों का भंडाफोड़ किया। इन कार्रवाइयों में अवैध फैक्ट्रियों से जुड़े लोगों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य सहयोगियों के नेटवर्क को निशाना बनाया गया।

इसके अलावा, ‘ऑपरेशन गांजाजन’, ‘ऑपरेशन गजरगंज’ और ‘ऑपरेशन अंतःस्फोट’ जैसे विशेष अभियानों के तहत जंगलों और अन्य इलाकों में की जा रही अवैध गांजा और अफीम की खेती को चिह्नित कर नष्ट किया गया।

फरार इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर

ANTF ने लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी विशेष अभियान चलाए। प्रेस नोट के अनुसार, ‘ऑपरेशन नीलमणि’, ‘ऑपरेशन वंशिधर 2.0’ और ‘ऑपरेशन मंद्रैतेश’ के तहत कई इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

अपराधियों तक पहुंचने के लिए ANTF की विशेष टीमों ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल किया। कुछ मामलों में जवानों ने चरवाहे, मजदूर, लाइनमैन, किरायेदार और स्वास्थ्यकर्मी जैसे अलग-अलग रूप धारण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और जवानों का सम्मान

स्थापना दिवस समारोह के दौरान वर्षभर में उल्लेखनीय सूचना संकलन, साहसिक छापेमारी, अवैध ड्रग फैक्ट्रियों का खुलासा और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और जवानों को प्रशस्ति-पत्र, टोकन और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में उपमहानिरीक्षक अभिजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित ANTF मुख्यालय, चौकियों और थानों में तैनात अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। विभाग ने जवानों के योगदान की सराहना करते हुए भविष्य में भी नशे के कारोबार के खिलाफ इसी तरह अभियान चलाने का आह्वान किया।

स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर, 30 लोगों ने किया रक्तदान

ANTF ने अपनी पहली वर्षगांठ के अवसर पर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी आयोजित किया। इसमें 30 अधिकारियों और कर्मचारियों ने रक्तदान किया।

आईजी विकास कुमार ने कहा कि ANTF एक ओर नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर समाज को सुरक्षित बनाने का काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्तदान जैसे मानवीय कार्यों के जरिए सामाजिक सरोकारों को भी पूरा कर रही है।

जवानों को मिली नई ऑपरेशनल जैकेट

समारोह के दौरान ANTF के जवानों को नई विशेष ऑपरेशनल जैकेट भी प्रदान की गईं। आईजी विकास कुमार ने स्वयं जैकेट पहनकर जवानों को सौंपा। नेवी ब्लू रंग की इन जैकेट पर ‘ANTF राजस्थान’ अंकित है। विभाग के मुताबिक, फील्ड में चलाए जाने वाले अभियानों, छापेमारी और नाकाबंदी के दौरान इससे बल को एक अलग पहचान मिलेगी।

ANTF ने अपने पहले वर्ष की उपलब्धियों के आधार पर आने वाले समय में भी मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज रखने और राजस्थान को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम जारी रखने का संकल्प दोहराया।