राजस्थान:एसीबी ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया,30 लाख रुपये रिश्वत और फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरी मामलों में कार्रवाई

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राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वर्ष 2025 के 30 लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में तत्कालीन पटवारी नरेंद्र मीणा और फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरी मामले में स्थायी वारंटी जयप्रकाश उर्फ जे.पी. शामिल हैं।

एसीबी के अनुसार, तत्कालीन पटवारी नरेंद्र मीणा पर जयपुर के हाथोज क्षेत्र में करीब 10 बीघा भूमि का नामांतरण खोलने के बदले पहले 50 लाख रुपये और बाद में 30 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। ब्यूरो का कहना है कि शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सितंबर 2025 में की गई ट्रैप कार्रवाई के दौरान कथित मध्यस्थ विकास शर्मा को 30 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया था, जबकि नरेंद्र मीणा मौके से फरार हो गए थे।

एसीबी का कहना है कि करीब नौ से दस महीने तक फरार रहने के बाद नरेंद्र मीणा को जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित चंपापुरा इलाके से गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। एजेंसी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसे पुलिस रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।

दूसरी कार्रवाई में एसीबी ने फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरी मामले में फरार स्थायी वारंटी जयप्रकाश उर्फ जे.पी. को अलवर जिले के खेड़ली से गिरफ्तार किया है।

एसीबी के मुताबिक, जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया है कि जयप्रकाश, उसके पिता उदयचंद शर्मा और अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरियां छपवाकर राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया और अनुचित लाभ प्राप्त किया। इस मामले में जयप्रकाश पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य धाराओं के तहत आरोप हैं।

ब्यूरो ने बताया कि आरोपी को अदालत से जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।एसीबी का कहना है कि दोनों मामलों में जांच जारी है।