भारतीय विज्ञापन जगत के महान हस्ताक्षर और पद्मश्री से सम्मानित एड गुरु पीयूष पांडे का गुरुवार को मुंबई में 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
‘फेविकोल का जोड़’, ‘अब की बार मोदी सरकार’, ‘कुछ खास है कैडबरी में’ और ‘हर खुशी में रंग लाए’ जैसे यादगार अभियानों के सृजनकर्ता पीयूष पांडे ने चार दशकों तक ओगिल्वी इंडिया के साथ काम करते हुए भारतीय विज्ञापन को नई पहचान दी।
जयपुर में जन्मे पांडे नौ भाई-बहनों वाले बड़े परिवार से थे। उनकी बहनें — प्रसिद्ध गायिका और अभिनेत्री इला अरुण, लेखिका तृप्ति पांडे और बीबीसी उद्घोषिका रमा पांडे — अपने-अपने क्षेत्रों में जानी जाती हैं, जबकि उनके भाई प्रसून पांडे मशहूर फिल्म निर्माता हैं।
विज्ञापन जगत और देशभर के लोगों ने इस रचनात्मक प्रतिभा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

