‘वोट चोरी’ का आरोप:नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने SIR के बहाने मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का दावा,चुनाव आयोग से शिकायत

Jaipur Rajasthan

जयपुर । नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर लोकतंत्र की हत्या और मतदाता सूची में बड़े स्तर पर धांधली का गंभीर आरोप लगाया है।

जूली ने वीडियो साक्ष्य और आंकड़ों के साथ दावा किया कि भाजपा, एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का दुरुपयोग कर कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से काट रही है।

जीत के अंतर के बराबर ‘वोट की चोरी’: एक अजीब संयोग

प्रेस वार्ता में जूली ने अपने निर्वाचन क्षेत्र अलवर ग्रामीण का उदाहरण देते हुए चौंकाने वाले आंकड़े रखे। उन्होंने कहा, “मैं इस बार लगभग 28,000 मतों के अंतर से जीता हूँ। यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक गहरी साजिश है कि अलवर ग्रामीण में लगभग 28,000 नाम कटवाने के ही आवेदन लगाए गए हैं। पिछले तीन दिनों में 4,000, फिर 12,500 और आज 7-10 हजार और फॉर्म जमा किए गए हैं। यह लोकतंत्र का अपहरण है।”

षड्यंत्र के सबूत: एक व्यक्ति और 500 नाम?

जूली ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों को ताक पर रखकर थोक में फॉर्म जमा किए जा रहे हैं।

सीसीटीवी की जांच हो: उन्होंने मांग की कि चुनाव कार्यालयों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं ताकि पता चले कि हजारों की संख्या में ये फॉर्म कौन जमा कर रहा है?

फर्जी हस्ताक्षर: उन्होंने खुलासा किया कि फॉर्म प्रिंटेड हैं, जिनमें केवल नाम कटवाने वालों की जानकारी पहले से छपी है और शिकायतकर्ता ने आनन-फानन में फर्जी हस्ताक्षर किए हैं।

संवैधानिक प्रश्न: जूली ने पूछा, “एक व्यक्ति को कितने नाम कटवाने का अधिकार है? यहाँ एक-एक व्यक्ति 500 से 700 नाम कटवाने के आवेदन दे रहा है। ऐसे लोगों पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए जो संविधान का मजाक बना रहे हैं।”

अधिकारियों को दो टूक: ‘संविधान की नौकरी करें, भाजपा की नहीं’

प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “बाबा साहब अंबेडकर के संविधान और नियमों की पालना कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि आप दबाव में काम कर रहे हैं या भाजपा के एजेंट बन गए हैं, तो नौकरी छोड़ दें। हम गलत करने वाले हर अधिकारी के खिलाफ पूरी कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े रहेंगे और आगामी विधानसभा सत्र (28 जनवरी) में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे।”

भाजपा को चुनौती: ‘चुनाव ही बंद करवा दो’

जूली ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर इतनी ही बेईमानी और फर्जीवाड़ा करना है, तो चुनाव का ढोंग बंद कर खुद को निर्वाचित घोषित कर दें। उन्होंने कहा, “जनता के बीच जाने से आपको डर लगता है, इसीलिए आप चुनाव प्रणाली को दूषित कर रहे हैं। देश की चुनाव प्रणाली पर जो उंगलियां उठ रही हैं, उसका कारण भाजपा का यही आचरण है।”

मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात

प्रेस वार्ता के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए टीकाराम जूली ने पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा और मुख्य सचेतक रफीक खान के साथ सचिवालय जाकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन से मुलाकात की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की मनमानी या पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रेस वार्ता में पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधायक रफीक खान सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी उपस्थित रहे।