उन्हेल (झालावाड़):पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि जनसेवा का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो कोई बाधा रोक नहीं सकती। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि सांसद रहते हुए वे पदयात्राएं करती थीं और पैरों में छाले पड़ने के बावजूद आगे बढ़ती रहीं। राजे ने कहा, “मैं चलती रही उम्रभर दुआओं के साथ, पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाए।”
वसुंधरा राजे झालावाड़ के उन्हेल में सांसद दुष्यंत सिंह की ‘आशीर्वाद पदयात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, विश्वास और जन-जन से जुड़ाव की यात्रा है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश नेता चुनाव के समय ही जनता के बीच आते हैं, लेकिन उनका परिवार ऐसा नहीं करता। “हम अपने क्षेत्र को परिवार मानते हैं और जनता को केवल मतदाता नहीं, बल्कि भाग्य निर्माता मानते हैं,” उन्होंने कहा।
राजे ने सांसद दुष्यंत सिंह की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा जनता के बीच रहते हैं और हर व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करते हैं। उन्होंने इस पदयात्रा को “अपनों की, अपनों के लिए और अपनों के द्वारा” यात्रा बताया, जिसका उद्देश्य जनता की आवाज़ सुनना, उनकी समस्याओं को समझना और उनके सपनों को पूरा करना है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का लक्ष्य हर नागरिक का सम्मान, उत्थान और हर वाजिब समस्या का समाधान है। “यह यात्रा खेतों की मिट्टी, बच्चों की मुस्कान और लोगों की मेहनत को अपनाने की यात्रा है,” उन्होंने कहा।

