कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दक्षिण गोवा में एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। खड़गे ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बच्चे थे और आज उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
खड़गे ने बीजेपी और आरएसएस की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर सवाल उठाए और कांग्रेस नेताओं के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का हवाला देते हुए बीजेपी पर देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ के आरोप पर भी उठाए सवाल
खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में अपनी सभा के बाद कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इसे लेकर सवाल किया कि क्या उन्हें अछूत समझा गया और क्या लोकतंत्र में दलितों के लिए समान सम्मान की जगह नहीं है।
वंदे मातरम विवाद पर अमित शाह के आरोपों का जवाब
यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के इशारे पर इसे बीच में रुकवाया गया था। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं।
खड़गे ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं के राष्ट्रभक्ति के इतिहास पर सवाल उठाने वालों को पहले स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका बतानी चाहिए।
गोवा में दल-बदल को लेकर भी बीजेपी पर निशाना
गोवा की राजनीति का जिक्र करते हुए खड़गे ने बीजेपी पर कांग्रेस विधायकों को पार्टी में शामिल कर सरकार बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को लेकर मतदाताओं से सवाल उठाने और उन्हें जवाबदेह बनाने की अपील की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर बूथ स्तर पर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि राजनीतिक मुकाबले में संगठन और एकता सबसे महत्वपूर्ण हैं।

