सिलीगुड़ी: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, नए आपराधिक कानूनों और ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने राज्य की पूर्व सरकार पर सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में पर्याप्त सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।
शाह ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद किया।
SSB के लिए 189 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत
सिलीगुड़ी स्थित SSB फ्रंटियर मुख्यालय में अमित शाह ने कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें प्रशासनिक और आवासीय सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
गृह मंत्री के अनुसार, कुल करीब 189 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से SSB के जवानों की कार्य और आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल और भारत-भूटान की खुली सीमाओं की सुरक्षा SSB की सबसे चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है।
शाह ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी भारत से जोड़ता है और नेपाल, भूटान तथा बांग्लादेश की सीमाओं के करीब स्थित है।
भूमि आवंटन को लेकर पूर्व सरकार पर आरोप
अमित शाह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लंबे समय से सीमा सुरक्षा बलों के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से जमीन मांग रही थी, लेकिन पूर्व सरकार ने इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद 45 दिनों के भीतर BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई।
शाह के मुताबिक, सीमा पर घुसपैठ रोकने और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए फेंसिंग और सुरक्षा एजेंसियों को जरूरी भूमि उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
‘तीन T से बदलेगी न्याय व्यवस्था’
सिलीगुड़ी में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से संबंधित प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि नई आपराधिक न्याय व्यवस्था को Technology, Transparency और Timeline यानी तीन ‘T’ के आधार पर मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गंभीर मामलों में फॉरेंसिक जांच जैसे प्रावधान न्यायिक प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और समयबद्ध बनाने में मदद करेंगे।
शाह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व सरकार पर नए कानूनों को लागू करने में देरी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदलने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था को लेकर नई नीतियों पर काम शुरू किया गया है।
‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर निशाना
अपने संबोधन में अमित शाह ने ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 80वें वर्ष और गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले से इसका पूर्ण गायन किया जाना विशेष क्षण था।
शाह ने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। उन्होंने इसे लेकर पूर्व में लिए गए राजनीतिक फैसलों की भी आलोचना की।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन को सरकारी कार्यक्रमों से जोड़ने का फैसला आने वाली पीढ़ियों तक इसके संदेश को पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जवानों के साथ ‘बड़ा खाना’
दौरे के दौरान अमित शाह ने SSB के जवानों और अधिकारियों के साथ पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। सुरक्षा बलों में इस परंपरा के तहत जवान और अधिकारी एक साथ भोजन करते हैं।
शाह ने कहा कि इस तरह के आयोजन सुरक्षा बलों के भीतर आपसी जुड़ाव और साझा उद्देश्य की भावना को मजबूत करते हैं।
सीमा सुरक्षा और विकास पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की तैनाती से नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा देकर भी मजबूत की जा सकती है।
उन्होंने दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और सीमावर्ती गांवों के विकास से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों में “सुरक्षित, मजबूत और जीवंत सीमा” का ढांचा तैयार करना है, जिसमें सुरक्षा के साथ स्थानीय विकास और बेहतर कनेक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जाएगा।

