जयपुर: राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए गए दो अलग-अलग अभियानों में दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी पिछले छह वर्षों से फरार था, जबकि दूसरे पर एक वर्ष से गिरफ्तारी का वारंट लंबित था।
ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पहले अभियान “ऑपरेशन खमगार” के तहत मध्य प्रदेश निवासी 72 वर्षीय गोमाराम उर्फ गोविंद उर्फ गोमा को चित्तौड़गढ़ के बासी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह करीब छह साल से फरार चल रहा था।
विकास कुमार के अनुसार, आरोपी पहले खेती और पशुपालन से जुड़ा था, लेकिन बाद में अफीम तस्करी के नेटवर्क से जुड़ गया। जांच में सामने आया कि उसने राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति का नेटवर्क खड़ा कर लिया था और हर महीने बड़ी मात्रा में अफीम की सप्लाई कर लाखों रुपये कमाता था।
उन्होंने बताया कि ANTF ने लंबे समय तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। रिश्तेदार के यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उसके पहुंचने की सूचना मिलने पर टीम ने निगरानी की और कार्यक्रम से लौटते समय उसे दबोच लिया।
दूसरे अभियान “ऑपरेशन टटपुंजिया 5.0” के तहत जालोर निवासी 36 वर्षीय हनुमानराम को गिरफ्तार किया गया। उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह करीब एक वर्ष से फरार था।
महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने सरकारी नौकरी नहीं मिलने के बाद मादक पदार्थों की तस्करी का रास्ता अपनाया। जांच के दौरान उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली। फरारी के दौरान वह अलग-अलग राज्यों में रहकर लगातार तस्करी करता रहा।
विकास कुमार ने कहा कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना को ANTF के साथ साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

