जयपुर, 23 जुलाई 2025: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर स्थित गांधी वाटिका म्यूजियम की दुर्दशा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने म्यूजियम में सरकारी उपेक्षा और अव्यवस्थाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए इसे सुधारने की मांग की है।
गहलोत ने 18 जुलाई को करीब पांच घंटे तक गांधी वाटिका म्यूजियम का दौरा किया था। इसके बाद उन्होंने पत्र में लिखा कि करीब 80 करोड़ की लागत से बना यह म्यूजियम प्रचार की कमी, स्टाफ की अनुपलब्धता और रखरखाव की समस्याओं से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि म्यूजियम में न तो स्थायी स्टाफ है और न ही गाइड की नियुक्ति हुई है। सफाई व्यवस्था भी खराब है और परिसर में संचालित होने वाली कैंटीन अभी शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने सुझाव दिया कि गांधी वाटिका को स्कूलों की शैक्षणिक यात्राओं में शामिल किया जाए और पर्यटन टिकटों में इसका उल्लेख हो।
गहलोत ने म्यूजियम की तकनीकी गैलरियों में हो रही लीकेज, कैफेटेरिया की अनदेखी और प्रचार-प्रसार के अभाव की भी आलोचना की। उन्होंने मांग की कि सरकार इस म्यूजियम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार करे और मुख्यमंत्री स्वयं भ्रमण कर स्थिति की समीक्षा करें।
उन्होंने गांधी वाटिका को देश का सबसे आधुनिक गांधी म्यूजियम बताते हुए कहा कि यह देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है, बशर्ते सरकार इस पर गंभीरता से ध्यान दे।
गहलोत ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार महात्मा गांधी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की इस पहल को प्राथमिकता देगी।

