राजस्थान के टोंक ज़िले में स्थित बीसलपुर बांध ने इस वर्ष 21 सालों के इतिहास में पहली बार जुलाई महीने में अपनी पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर को छू लिया है। गुरुवार को जलस्तर पूर्ण होते ही बांध का एक गेट खोलकर 6 हज़ार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। यह पहला मौका है जब जुलाई महीने में गेट खोला गया, जबकि इससे पहले सात में से छह बार अगस्त और एक बार सितंबर में गेट खोले गए थे।
पूजा-अर्चना के बाद खोला गया गेट
गेट नंबर 10 को खोलने से पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर और टोंक ज़िला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल भी मौजूद रहीं। गेट खुलने से पहले डाउन स्ट्रीम क्षेत्र में अलर्ट सायरन बजाया गया। बांध से निकलता पानी बनास नदी होते हुए चंबल नदी में मिलता है।
जलभराव का इतिहास टूटा
2003 में बने इस बांध ने 2004 में पहली बार पूर्ण भराव देखा था। अब तक यह अगस्त और सितंबर में ही भरता आया है, लेकिन इस बार बनास नदी में तेज़ आवक के चलते जुलाई में ही भराव स्तर पार कर गया। इससे पहले कभी भी 9 अगस्त से पहले गेट नहीं खोले गए थे। वहीं, सबसे देर से 6 सितंबर 2024 को गेट खोला गया था।
इतिहास में पहली बार जुलाई में निकासी
इस साल 24 जुलाई 2025 को बांध का गेट खोला गया, जो अब तक का सबसे जल्दी पानी छोड़ने का रिकॉर्ड है। बीसलपुर बांध से अब तक 15 बार टोंक जिले के लिए नहरों में सिंचाई जल छोड़ा गया है, जिससे करीब 80 हज़ार हेक्टेयर ज़मीन सिंचित होती है। इसी वजह से टोंक ज़िला सरसों उत्पादन में राजस्थान में दूसरे स्थान पर आता है।
बीसलपुर बांध से गेट खोलने की तारीखें:
- 16 अगस्त 2004
- 19 अगस्त 2006
- 13 अगस्त 2014
- 9 अगस्त 2016
- 19 अगस्त 2019
- 26 अगस्त 2022
- 6 सितंबर 2024
- 24 जुलाई 2025
इस वर्ष का यह बदलाव जलवायु और मानसून पैटर्न में हो रहे परिवर्तनों का संकेत भी माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों के जल प्रबंधन नीति को प्रभावित कर सकता है।

