राजस्थान में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के मामले,गंदे खाने-पानी को बताया वजह

Jaipur Rajasthan

राजस्थान में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के नए मामले सामने आए हैं। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इस बीमारी के तीन मरीजों की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन गंदगी और अस्वच्छ खान-पान के कारण इसके मामले बढ़ रहे हैं।

नर्वस सिस्टम पर हमला करता है यह सिंड्रोम

GBS एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें मरीज के नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है। सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश खंडेलवाल का कहना है कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, जैसे पानी-पुरी, चाट, ठंडी चटनी और दूषित पानी, इस बीमारी को फैलाने का बड़ा कारण बन सकते हैं।

शरीर की एंटीबॉडी ही बन जाती है दुश्मन

डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि इस बीमारी का कारण बनने वाला बैक्टीरिया इंसानी शरीर में भोजन, पानी या सांस के जरिए प्रवेश करता है। इससे लड़ने के लिए शरीर एंटीबॉडी बनाता है, लेकिन समस्या तब होती है जब यह एंटीबॉडी बैक्टीरिया के साथ-साथ इंसान की नर्व्स पर भी हमला करने लगती है।

इस बैक्टीरिया के मॉलिक्यूल्स इंसानी नर्व्स से मिलते-जुलते होते हैं, जिससे शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली गलती से नर्व्स की कवरिंग पर हमला कर देती है। इससे नर्व में करंट का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे मरीज के हाथ-पैर प्रभावित होने लगते हैं।

विशेषज्ञों ने साफ-सफाई और स्वच्छ भोजन-पानी के सेवन पर जोर दिया है ताकि इस बीमारी से बचा जा सके।