जयपुर, 13 सितंबर: राजस्थान एएनटीएफ ने नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में पांच साल से फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामी आरोपी परमेश्वर दांगी को झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर राजस्थान समेत कई राज्यों में नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े होने का आरोप है।
एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार के मुताबिक, टीम ने जयपुर से करीब 1,250 किलोमीटर दूर झारखंड पहुंचकर आरोपी की तलाश की। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं करता था।
पीएम आवास योजना के सर्वे से मिला अहम सुराग
आईजी एएनटीएफ विकास कुमार के अनुसार, आरोपी का पता लगाने के लिए टीम ने रणनीति बदली। झारखंड के हजारीबाग ज़िले के उसके गांव में पहुंचकर टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर-घर किए जा रहे सर्वे की मदद से आरोपी के परिवार और उसके घर की पहचान की।
टीम आरोपी के घर तक पहुंची तो वहां उसकी पत्नी मिली। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पति घर से बाहर गया हुआ है और अगले दिन लौट आएगा।
अगले दिन एएनटीएफ की टीम दोबारा घर पहुंची। इस दौरान परिवार को टीम की गतिविधियों पर शक हुआ और उन्होंने आरोपी के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद टीम ने घर की तलाशी ली, जहां परमेश्वर दांगी छिपा हुआ मिला। एएनटीएफ ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
20 साल से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा होने का आरोप
प्रेस नोट के मुताबिक, 45 वर्षीय परमेश्वर दांगी झारखंड के हजारीबाग ज़िले के चौपारण थाना क्षेत्र के दादपुर गांव का रहने वाला है। वह करीब 20 साल से नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई से जुड़ा हुआ था।
बताया गया है कि शुरुआत में वह खेती-बाड़ी और मजदूरी का काम करता था और बाद में उसने गांव में किराने की दुकान भी खोली। इसी दौरान उसकी मुलाकात राजस्थान से आए एक तस्कर से हुई।
एएनटीएफ के मुताबिक, इस तस्कर ने उसे झारखंड के आसपास के जंगलों से अफीम, गांजा और डोडा-चूरा जुटाकर दूसरे राज्यों में पहुंचाने के लिए तैयार किया। इसके बाद परमेश्वर दांगी राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों के तस्करों के संपर्क में आ गया।
2022 में जयपुर पहुंचाई थी अफीम की खेप
एएनटीएफ के अनुसार, साल 2022 में परमेश्वर दांगी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर जयपुर के एक तस्कर को करीब 3 किलो 625 ग्राम अफीम पहुंचाने की कोशिश की थी।
खेप जयपुर पहुंचाने के दौरान कोटपूतली पुलिस ने उसके साथी तस्करों को अफीम के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में कोटपूतली थाने में केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान परमेश्वर दांगी का नाम अफीम उपलब्ध कराने वाले सप्लायर के तौर पर सामने आया।
इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके गांव में दबिश दी गई, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही वह फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना ठिकाना बदल लिया और रिश्तेदारों तथा जंगलों में छिपकर रहने लगा।
मोबाइल फोन से भी बनाई दूरी
आईजी एएनटीएफ विकास कुमार के मुताबिक, फरार रहने के दौरान परमेश्वर दांगी मोबाइल फोन से भी दूरी बनाए हुए था। जरूरत पड़ने पर वह अपनी पत्नी या आसपास के लोगों के मोबाइल फोन से संपर्क करता था।
एएनटीएफ के मुताबिक, वह झारखंड के चौपारण, चतरा और हजारीबाग इलाके में उपलब्ध अफीम, गांजा और डोडा-चूरा को राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा समेत दूसरे राज्यों से आने वाले तस्करों तक पहुंचाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था।
जयपुर से 1,250 किलोमीटर दूर जाकर बिछाया जाल
आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ टीम लंबे समय से परमेश्वर दांगी की तलाश कर रही थी। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, इसलिए पारंपरिक तरीके से उसकी तलाश करना मुश्किल हो रहा था।
इसके बाद टीम ने झारखंड पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना के घर-घर सर्वे को आधार बनाया। गांव में परिवारों की पहचान और पूछताछ करते हुए टीम आरोपी के घर तक पहुंच गई।
काफी प्रयासों के बाद एएनटीएफ को यह पता चला कि परमेश्वर दांगी इसी मकान में छिपा हुआ है। तलाशी के दौरान वह घर के अंदर छिपा मिला और टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी के मार्गदर्शन में कार्रवाई
आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में की गई।
उन्होंने कार्रवाई में शामिल एएनटीएफ टीमों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि टीमों को विशेष कार्यक्रम के दौरान एएनटीएफ मुख्यालय में सम्मानित किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी:
परमेश्वर दांगी, उम्र 45 वर्ष, निवासी दादपुर, थाना चौपारण, जिला हजारीबाग, झारखंड। उस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था।

