जोधपुर दौरे पर अमित शाह:सीएम शर्मा बोले-दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम बना सशक्त जीवन का आधार

Jodhpur Rajasthan

जोधपुर/जयपुर, 21 सितम्बर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन को सेवा कार्यों से जोड़ता है और विशेषकर दिव्यांगों के लिए तब वह समाज के अन्य व्यक्तियों को भी प्रेरित करता है। जिससे अन्य लोग भी सेवा कार्य से जुड़ते हैं। उन्होंने कहा कि सुशीला बोहरा श्री पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय का लम्बे समय से संचालन कर दिव्यांगों की सेवा कर रही हैं तथा इस कार्य से समाज के विशिष्ट लोग भी जुड़े हैं।

शर्मा रविवार को जोधपुर के रामराज नगर चौखा में श्री पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय के नवीन महाविद्यालय भवन, बॉयज हॉस्टल व गर्ल्स हॉस्टल के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्णय स्वर्ण अक्षरों में अंकित – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसे अनेक निर्णय लिए हैं, जो इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हुए हैं, साथ ही उन पर हर भारतवासी को गर्व भी होता है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने, आतंकवाद पर अंकुश लगाने और जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह को भी जाता है।

तीन ऐतिहासिक कानून आपराधिक न्याय प्रणाली बदलने में महत्वपूर्ण
शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के रूप में तीन ऐतिहासिक कानून लाकर भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीएए कानून लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया है।

नवीन भवन दिव्यांग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की रखेंगे नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कर कमलों से श्री पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय में नए भवनों का शिलान्यास हम सब के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय भवन (मोतीलाल ओसवाल ज्ञानदीप भवन), गर्ल्स हॉस्टल (मोतीलाल ओसवाल ज्योति सदन) और बॉयज हॉस्टल (एच जी फाउंडेशन दिव्य ज्योति भवन) की नींव रखी गई है। ये भवन दिव्यांग बालक-बालिकओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेंगे, उनके लिए शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के नए द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान ने अब तक 4 हजार 626 नेत्रहीन, मूक-बधिर और मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिव्यांगजनों के लिए बेहद संवेदनशील
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिव्यांगजनों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं, इसलिए इनके जीवन को आसान बनाने के लिए सबसे पहले ‘विकलांग’ शब्द के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द को प्रचलित करने का फैसला लिया। ये सिर्फ शब्द का परिवर्तन नहीं था, इसने समाज में दिव्यांगजनों की गरिमा भी बढ़ाई और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम भी इसी भाव से लागू किया। उन्होंने कहा कि ये कानून दिव्यांगजनों के सशक्त जीवन का माध्यम बन रहा है और इससे दिव्यांगजनों के प्रति समाज की धारणा भी बदली है। साथ ही, आज दिव्यांग साथी भी विकसित भारत के निर्माण के लिए अपनी संपूर्ण शक्ति के साथ काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का भी यही ध्येय है कि दिव्यांग भाई-बहनों का जीवन सरल, सहज और स्वाभिमानी हो। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर एक ऐसा राजस्थान बनाएं, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले, जहां शिक्षा और स्वावलंबन से हर जीवन रोशन हो और जहां दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सामर्थ्य की प्रतीक बने।

केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि श्री पारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय में नवीन भवनों के निर्माण की नींव रखी गई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहारा, संबल और क्षमताओं में संवर्द्धन की आवश्यकता है। दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान को जागृत करते हुए स्वावलंबन की दिशा में उन्हें आगे ले जाने के लिए महाविद्यालय में शिक्षा से संबंधित बनने वाले नवीन भवन महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जोधपुर सदियों से करुणा और संस्कृति की प्रमुख राजधानी रहा है। यहां के लोग अपनी व्यक्तिगत भावनाओं से प्रेरित होकर समाज के जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

इससे पहले केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नेत्रहीन विकास संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष सुशीला बोहरा की जीवनी ‘मैं न थकी न हारी‘ पुस्तक के ब्रेल लिपी संस्करण का विमोचन किया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में भामाशाहों का सम्मान भी किया गया।

इस अवसर पर न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय संदीप मेहता, विजय विश्नोई, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सुशीला बोहरा, अनिल बोहरा, भामाशाह मोतीलाल ओसवाल, विजेन्द्र सिंह चौधरी, प्रियंका सिंह सहित गणमान्यजन व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहंे।