राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्कल रंजन साहू को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। साहू की नियुक्ति के साथ ही प्रदेश में अब नए डीजीपी की तैनाती होगी।
साहू 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं। फरवरी 2024 में उन्हें प्रदेश का डीजीपी नियुक्त किया गया था। उनकी छवि एक ईमानदार और अनुशासित अधिकारी के तौर पर रही है। अब RPSC अध्यक्ष के रूप में वे एक वर्ष तक इस पद पर रहेंगे, क्योंकि 20 जून 1964 को जन्मे साहू अगले साल 62 वर्ष के हो जाएंगे — जो आयोग अध्यक्ष पद के लिए अधिकतम आयु सीमा है।
10 महीने से खाली था पद
RPSC अध्यक्ष का पद पिछले 10 महीनों से खाली था। पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय का कार्यकाल 1 अगस्त 2024 को समाप्त हुआ था, जिसके बाद सदस्य कैलाशचंद मीणा को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। अब पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है।
संस्था की छवि सुधारना प्राथमिकता
नए अध्यक्ष के रूप में यूआर साहू के सामने सबसे बड़ी चुनौती आयोग की साख को बहाल करने की होगी। बीते वर्षों में RPSC पर पेपर लीक, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। कई बार परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं, और हाईकोर्ट में भी इनसे जुड़ी अनेक याचिकाएं लंबित हैं।
RPSC के पास RAS समेत प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं का जिम्मा है, ऐसे में यूआर साहू के सामने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना एक महत्वपूर्ण कार्य होगा।
लगातार तीसरी बार IPS अफसर को अध्यक्ष पद
गौरतलब है कि RPSC में लगातार तीसरी बार एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साहू से पहले संजय क्षोत्रिय और भूपेंद्र यादव भी इस पद पर रह चुके हैं। यह नियुक्ति आयोग के प्रशासनिक नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है।

