जयपुर : कृषि विभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की हालिया कार्रवाई को लेकर राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं द्वारा कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर लगाए गए आरोपों के बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर उनके बचाव में खुलकर सामने आए हैं।
मदन दिलावर ने कहा कि यदि किरोड़ीलाल मीणा को बेईमान कहा जा रहा है, तो फिर उन्हें भी ईमानदार नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि वह विद्यार्थी जीवन से किरोड़ीलाल मीणा को जानते हैं और उनकी छवि हमेशा साफ-सुथरी, ईमानदार और निष्पक्ष रही है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
JJM घोटाले को लेकर गहलोत पर साधा निशाना
शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी ने अशोक गहलोत तक कितनी राशि पहुंचाई थी, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।
दिलावर ने कहा कि पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल से जुड़े मामलों पर भी कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का दावा
कृषि विभाग में हुई ACB कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलावर ने कहा कि किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का किसी मंत्री या अधिकारी से संपर्क होना यह साबित नहीं करता कि वह भ्रष्टाचार में शामिल है। भाजपा सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों के तहत काम कर रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
डोटासरा पर भी साधा निशाना
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि डोटासरा के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
दिलावर ने दावा किया कि महेश जोशी की तरह डोटासरा को भी जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल में लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस के अंदरूनी विवादों पर भी टिप्पणी
सचिन पायलट से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस के आंतरिक विवादों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी साथी नेता को निकम्मा, नकारा या मक्कार कहना उचित नहीं माना जा सकता।
उनके अनुसार, इस तरह की बयानबाजी कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति को दर्शाती है और राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
ACB कार्रवाई को बताया सरकार की पारदर्शिता का उदाहरण
मदन दिलावर ने कृषि विभाग में नकली बीज और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ACB की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार की पारदर्शी कार्यशैली का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निकाय और पंचायत चुनावों पर भी बोले
निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर उठ रहे सवालों पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उसके शासनकाल में भी लंबे समय तक चुनाव नहीं कराए गए थे।
उन्होंने बताया कि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सरकार विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। इस विषय पर मंत्रिमंडल की बैठक में भी चर्चा होगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

