ईरान के साथ जारी संघर्ष के एक महीने बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे पर सवाल उठ रहे हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान की वायु सेना को निष्क्रिय कर दिया है और तेहरान के पास जवाबी कार्रवाई की क्षमता नहीं बची है।
2 अप्रैल को दिए गए अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी कहा था कि अमेरिकी विमानों को ईरानी हवाई क्षेत्र में कोई प्रतिरोध नहीं मिल रहा है। इसी तरह के बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी दिए थे।
हालांकि, हाल के घटनाक्रम इन दावों के विपरीत नजर आते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दो अमेरिकी सैन्य विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर कथित रूप से ईरानी हमले की चपेट में आए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर एक एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया गया, जबकि बचाव अभियान के लिए भेजा गया ए-10 थंडरबोल्ट II भी निशाने पर आया। ए-10 विमान का पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन विमान बाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
बताया जा रहा है कि एफ-15ई में सवार दो क्रू मेंबर में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है। ईरानी मीडिया का दावा है कि लापता सदस्य पैराशूट के जरिए दक्षिणी ईरान में उतरा।
इसके अलावा, बचाव अभियान में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी हमले की खबर है, हालांकि उनमें सवार सभी कर्मियों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है।
इन घटनाओं के बीच, ईरान में अमेरिकी हवाई वर्चस्व को लेकर किए गए पहले के दावों पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं और क्षेत्र में बढ़ते तनाव की ओर संकेत मिल रहा है।

