कोटा में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का सख्त रुख:सफाई से लेकर निर्माण कार्यों की खामियों पर अधिकारियों को लगाई फटकार,चौपाल लगाकर सुनी जनसमस्याएं

Kota Rajasthan

कोटा, 5 नवम्बर।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को कोटा, दरा और कनवास क्षेत्र के दौरे के दौरान निरीक्षणों की झड़ी लगा दी। श्रीनाथपुरम स्टेडियम में कचरे के ढेर और टूटी सुविधाओं को देखकर उन्होंने केडीए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

स्टेडियम में केवल एक कर्मचारी द्वारा सफाई व्यवस्था संभाले जाने पर नाराजगी जताते हुए मंत्री नागर ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और अधिकारियों से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

दौरे के दौरान मंत्री नागर ने किशोर सागर तालाब और लव कुश वाटिका का भी औचक निरीक्षण किया। किशोर सागर की सेफ्टी वॉल से उखड़ती ईंटें और सीसी रोड से निकलती गिट्टी देखकर उन्होंने जल संसाधन विभाग के एसई आर.के. जैमिनी को फोन पर फटकार लगाई और विभागीय कार्यों की जांच के निर्देश दिए।

लव कुश वाटिका में घटिया निर्माण सामग्री और खुले सरिए देखकर मंत्री नागर ने वन विभाग के रेंजर को फटकार लगाते हुए निर्माण सामग्री के सैंपल इंजीनियरिंग कॉलेज से जांच कराने के आदेश दिए। उन्होंने वाटिका को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की भी बात कही, जिसमें तालाब किनारे गार्डन, व्यू पॉइंट, पॉन्ड और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाने की योजनाएं शामिल हैं।

इसके बाद मंत्री नागर ने कनवास क्षेत्र के कई गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। मकानों के पट्टों, खाद की आपूर्ति और खराब सड़कों जैसी समस्याओं पर उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने 30 साल पुरानी सघन बस्तियों का सर्वे कर उन्हें आबादी क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए।

बरखेड़ा गांव में कीचड़ और खराब इंटरलॉकिंग देखकर मंत्री नागर ने नाराजगी जताई और पुनर्निर्माण व नाला निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों की तकलीफें मौके पर सुनकर तुरंत समाधान करना है।

मंत्री नागर का यह दौरा प्रशासनिक तत्परता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।