दोहा में आयोजित दूसरे विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब नीति के केंद्र में लोग हों और विकास एक साझा प्रयास बने।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत की यात्रा अंत्योदय — यानी अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने — के दर्शन से प्रेरित है। डॉ. मांडविया ने यह भी कहा कि भारत का विकास मॉडल ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।
उन्होंने गरीबी उन्मूलन, सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास के क्षेत्र में भारत द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि मोदी सरकार ने इन क्षेत्रों में परिवर्तनकारी प्रगति की है, जो विश्व समुदाय के लिए एक मिसाल बन सकती है।

