कोटा/सांगोद/कनवास/दीगोद — राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने दीपावली के मौके पर सांगोद विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गौशालाओं में गौपूजन किया, व्यापारियों से ‘स्वदेशी अपनाने’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को बढ़ावा देने की अपील की।
मंत्री नागर ने मंगलवार को कनवास, दरा, मोरू कलां, लोढाहेड़ा और सांगोद क्षेत्रों का दौरा किया। कनवास की श्री कर्णेश्वर गौशाला में उन्होंने गायों को गुड़ और हरा चारा खिलाकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि सक्षम व्यक्ति को समाज के अंतिम छोर पर खड़े लोगों की चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि दिवाली पर देशभर में रिकॉर्ड खरीदारी हुई है, जो भारतीय बाजार की मजबूती का प्रतीक है। “ऑटोमोबाइल से लेकर खुदरा बाजार तक हर क्षेत्र में उत्सव की रौनक दिखी है। यह भारत की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा संकेत है,” नागर ने कहा।
ऊर्जा मंत्री ने दुकानदारों और व्यापारियों से जीएसटी बचत का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ योजनाओं को जन आंदोलन के रूप में अपनाने की बात कही।
सांगोद में मंत्री नागर ने गाड़िया लुहार परिवारों के साथ दिवाली मनाई और जरूरतमंद बच्चों को कपड़े व पटाखे उपहार में दिए। उन्होंने कहा, “दीपावली केवल घरों को नहीं, दिलों को भी रोशन करने का पर्व है। हमारे आसपास कोई वंचित न रहे, यह हम सभी की जिम्मेदारी है।”
इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने दीगोद क्षेत्र के मूंडला गांव में पुलिस हेड कांस्टेबल पर अवैध वसूली के आरोप की शिकायत मिलने पर ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मी ने पटाखा विक्रेता से जबरन वसूली की थी।
मंत्री नागर ने मौके पर जाकर दुकानदारों से बातचीत की और कहा कि किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क किनारे विद्युत पोल लगाने से पहले पीडब्ल्यूडी से अनुमति (NOC) लेना सुनिश्चित करें।
दौरों के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नागर ने सभी से दीपावली पर “सेवा का संकल्प” लेने की अपील करते हुए कहा — “दीपों की इस रोशनी में हर व्यक्ति के जीवन में उम्मीद और आत्मनिर्भरता का प्रकाश फैलाना ही हमारा सच्चा पर्व है।”

