पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों संग की बैठक,पर्यावरणीय नियमों के सख्त अनुपालन पर दिया जोर

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 — केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) और प्रदूषण नियंत्रण समितियों (PCCs) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य देशभर में पर्यावरणीय नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन करना था।

बैठक के दौरान मंत्री यादव ने राज्यों में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 को अपनाने की प्रगति, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) नियमों के क्रियान्वयन, विभिन्न कचरा प्रबंधन नियमों और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की।

उन्होंने आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश से आग्रह किया कि वे आगामी शीतकालीन सत्र तक इस अधिनियम को अपने विधानमंडलों में पारित करें, ताकि उद्योगों के लिए एक समान मानक और अनुमति प्रक्रिया लागू की जा सके।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि परिपत्र अर्थव्यवस्था (Circular Economy) के सिद्धांतों को अपनाना संसाधनों पर बोझ कम करने और कचरे से उपयोगी सामग्री पुनः प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने SPCBs को EPR नियमों — जैसे प्लास्टिक, ई-वेस्ट, बैटरी, टायर, उपयोग किया गया तेल, निर्माण मलबा और अन्य धातु अपशिष्ट — के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) के माध्यम से लाल श्रेणी और 17 उच्च प्रदूषणकारी उद्योगों की निगरानी को और सुदृढ़ किया जाए ताकि औद्योगिक प्रदूषण निर्धारित मानकों के भीतर रहे।

भूपेंद्र यादव ने अंत में कहा कि मंत्रालय डेटा आधारित निगरानी, संस्थागत क्षमता निर्माण और सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से पर्यावरणीय शासन को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।