EPFO ने कर्मचारियों की अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा बढ़ाई, राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ने की उम्मीद

Jaipur Rajasthan

भारत सरकार के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आंचलिक कार्यालय द्वारा आज जयपुर में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त एवं प्रभारी राजस्थान,अजीत कुमार ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अंतर्गत अनिवार्य कवरेज के लिए निर्धारित वैधानिक वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। संशोधित वेतन सीमा 17 सितम्बर 2026 से प्रभावी हो गई है।

उन्होंने बताया कि इस निर्णय से ₹15,000 से अधिक और ₹25,000 तक वेतन प्राप्त करने वाले ऐसे पात्र कर्मचारी, जो केवल वेतन सीमा के कारण अनिवार्य EPF कवरेज से बाहर रह जाते थे, अब सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे। देशभर में लगभग 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों को इससे पहली बार EPFO कवरेज मिलने की उम्मीद है। इसके अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को EPF बचत, EPS के तहत पेंशन तथा EDLI के तहत बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। नियोक्ताओं से संशोधित वेतन सीमा के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ECR दाखिल करने का आग्रह किया गया है। अजीत कुमार ने कहा कि ईपीएफओ का उद्देश्य श्रमिकों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बेहतर सेवा वितरण, डिजिटल प्रशासन तथा औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना है।

अजीत कुमार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के अंतर्गत राजस्थान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना तथा पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों एवं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में 26,694 संस्थान PMVBRY के अंतर्गत पंजीकृत हो चुके हैं। योजना के अंतर्गत 44,000 से अधिक प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को लाभ प्राप्त हुआ है तथा लगभग ₹21 करोड़ की वित्तीय सहायता लाभार्थियों के खातों में जमा की जा चुकी है। एवं 2515 संस्थानों को 53 करोड़ ₹ से अधिक की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है।

ईपीएफओ द्वारा चलाए जा रहे कर्मचारी नामांकन अभियान -2026 के माध्यम से ऐसे पात्र कर्मचारियों को EPF के दायरे में लाने का अवसर दिया जा रहा है, जो संस्थानों में कार्यरत होने के बावजूद अब तक भविष्य निधि सदस्य नहीं बन पाए हैं। यह अभियान 1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच नियुक्त होकर वर्तमान में सेवा में कार्यरत पात्र कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे मामलों में, जहां कर्मचारी अंशदान पहले कभी नहीं काटा गया, कर्मचारी अंशदान माफ किए जाने का प्रावधान है। नियोक्ता को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार नियोक्ता अंशदान, ब्याज एवं प्रशासनिक शुल्क जमा करना होगा तथा क्षति मात्र ₹100 होगी।

उन्होंने बताया कि विश्वास योजना-2026 के माध्यम से विलंबित EPF अंशदान जमा करने से संबंधित मामलों में अनुपालन को सुगम बनाने तथा विवादों के समाधान की विशेष व्यवस्था की गई है। योजना के तहत विलंबित भुगतान पर देय क्षति राशि को तर्कसंगत एवं काफी कम किया गया है। यह योजना 14 जून 2024 से पूर्व की अंशदान अवधि से संबंधित चूकों पर लागू होगी। इससे नियोक्ताओं की अनुपालन लागत कम करने और पुराने मामलों के समाधान में सुविधा मिलने की अपेक्षा है। यह योजना 28 दिसम्बर 2026 तक लागू रहेगी।

श्री अजीत कुमार ने कहा कि राजस्थान में इन पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए EPFO द्वारा नियोक्ताओं, उद्योग संगठनों, व्यापारिक संगठनों, श्रमिक प्रतिनिधियों तथा कर्मचारियों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने सभी पात्र हितधारकों से EEC-2026, विश्वास योजना, PMVBRY तथा अन्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।