टी. आर सैनी
नैनवां ( बून्दी ) 27 जुलाई। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे को रद्द करने की मांग को लेकर रविवार को सीकर हाईवे पर रींगस और गोविंदगढ़ के बीच तातेडा मोड़ पर किसानों ने विशाल शक्ति प्रदर्शन किया। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में हुए आंदोलन में करीब 500 ट्रैक्टरों का जमावड़ा लगने से हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
आंदोलन को देखते हुए सुबह 11 बजे से ही उपखंड अधिकारी चौमूं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश एवं नीरज पाठक, तहसीलदार चौमूं, गोविंदगढ़ और चौमूं के पुलिस उपाधीक्षक सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। तीन अलग-अलग दिशाओं से ट्रैक्टरों के पहुंचने पर पुलिस प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में ट्रैक्टरों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराया।
आंदोलन में टोंक, अजमेर, फुलेरा, दूदू, श्रीमाधोपुर, कोटपूतली और चौमूं सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने भाग लिया।
बाद में जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक और पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने गोविंदगढ़ स्थित उपाधीक्षक कार्यालय में किसान प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। जिला कलेक्टर ने सात दिनों के भीतर राजस्थान सरकार के साथ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के मुद्दे पर वार्ता कराने का भरोसा दिया तथा इसकी तिथि, समय और स्थान की जानकारी स्वयं किसान नेता रामपाल जाट को देने का आश्वासन दिया।
इसके बाद जिला कलेक्टर ने मोबाइल के माध्यम से किसानों को संबोधित करते हुए आंदोलन स्थगित कर ट्रैक्टर वापस ले जाने की अपील की। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर सरकार के साथ वार्ता आयोजित नहीं हुई तो वे ट्रैक्टरों के साथ जयपुर कूच करेंगे।

