पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जोधपुर सर्किट हाउस में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार व्यक्त करने के लिए।

Jodhpur Rajasthan

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सीनियर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने सड़क मार्ग से आज जोधपुर आकर सर्किट हाउस मेंशनल प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें राज्य और देश के वर्तमान राजनीतिक हालातों पर उन्होंने विस्तार से चर्चा की।

कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द कराना ठीक है, पर निर्णय देरी से आया:
गहलोत ने कहा कि भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द होना लोकतंत्र की जीत है, मगर यह कार्यवाही 23 दिनों पहले हो जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि चलनों को विपक्ष के जोर-जबरदस्ती के दबाव से ही उठाया गया था, जिससे साफ हो जाता है कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ का महत्व है।

थरूर के ऑल पार्टी डेलिगेशन में शामिल होने पर जताई नाराजगी:
गहलोत ने अस्वीकृति प्रकट करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता शशि थरूर का ऑल पार्टी डेलिगेशन में पार्टी को सूचित किए बिना जाना अनुशासन के विरुद्ध था और इससे पूर्व सभ्य किसी गतिविधि में पार्टी नेतृत्व को अवगत कराना आवश्यक होता है।

अमेरिकन हस्तक्षेप के दावों पर जताई चिंता:
भारत पाकिस्तान संघर्ष विराम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर गहलोत ने कहा कि भारत की विदेश नीति कभी दबाव में रही हो। उसने याद दिलाया कि नेहरू और इंदिरा गांधी जैसे कुलीनों ने कभी राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया। अगर अमेरिका की कोई भूमिका रही है तो देश को इसके बारे में जानकारी मिलनी चाहिए।

प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल:
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रंप के दावों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक नहीं,