प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना का शिलान्यास किया। करीब 1,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एयरपोर्ट राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र—कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़—के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है।
बूंदी के तालेड़ा में आयोजित समारोह में ओम बिरला, भजनलाल शर्मा और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने औपचारिक रूप से परियोजना का शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई गति देगी और हवाई संपर्क बेहतर होने से यात्रा आसान होने के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले कोटा के लोगों को उड़ान भरने के लिए जयपुर या जोधपुर जाना पड़ता था, लेकिन एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी।
मोदी ने कोटा को शिक्षा और ऊर्जा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से यहां उद्योग, कृषि आधारित व्यवसाय और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रहा है और इसके बनने से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को नया अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के पास औद्योगिक विकास के लिए भूमि भी विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक और भूमि संबंधी बाधाओं को दूर कर निर्माण का रास्ता साफ किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के बाद अब हवाई संपर्क मिलने से कोटा क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि लगभग 1,100 एकड़ में बनने वाले इस एयरपोर्ट में आधुनिक टर्मिनल और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शुरुआती चरण में इसकी क्षमता सालाना करीब 20 लाख यात्रियों को संभालने की होगी।
करीब दो दशकों से इस परियोजना की मांग की जा रही थी। अब निर्माण कार्य शुरू होने के साथ इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र में रोजगार, निवेश और पर्यटन के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

