मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 27 अगस्त को गणेश जन्मोत्सव, 28 को भव्य शोभायात्रा — 9 दिन तक चलेगा उत्सव

Jaipur Rajasthan

श्री मोती डूंगरी गणेश मंदिर में जन्मोत्सव 27 अगस्त को20 अगस्त को मोदकों की झांकी से होगा उत्सव का शुभारंभ 21 अगस्त को पुष्य नक्षत्र में होगा पंचामृत अभिषेक26 अगस्त को सिंजारा और मेहंदी पूजनसिंजारे पर चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे गणपति, स्वर्ण मुकुट धारण करेंगे27 अगस्त को जन्मोत्सव, 28 अगस्त को भव्य शोभा यात्रा9 दिन चलने वाले इस उत्सव के लिए तैयारियां शुरूजयपुरप्रथम पूज्य श्री मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस साल गणेश चतुर्थी पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी, बुधवार 27 अगस्त को मनाया जाएगा। 9 दिन चलने वाले इस उत्सव का शुभारंभ 20 अगस्त को मोदकों की झांकी से होगा। भगवान गणपति को मोदक अर्पित किए जाएंगे, जिनमें 251-251 किलो के दो विशाल मोदक भी होंगे। 21 अगस्त को पुष्य नक्षत्र पर भगवान श्री गणेश का पंचामृत अभिषेक होगा। इस मौके पर 501 महिलाएं कलश यात्रा लेकर मोती डूंगरी पहुंचेगी।इस उत्सव के अगले दिन यानी 22 अगस्त की शाम 7 बजे मंदिर परिसर में ध्रुपद गायन कार्यक्रम होगा। मान्यता है कि भगवान श्री गणेश को ध्रुपद गायन सबसे प्रिय है, जिसके कारण इस दिन भजन संध्या ध्रुपद गायन के साथ शुरू की जाएगी। वहीं अगले तीन दिन यानी 23, 24 व 25 अगस्त की शाम को कत्थक नृत्य का कार्यक्रम होगा। 26 अगस्त को मेहंदी पूजन व सिंजारे का कार्यक्रम होगा, जबकि 27 अगस्त को जन्मोत्सव के दर्शन होंगे। 28 अगस्त को भगवान गणपति नगर भ्रमण पर निकलेंगे।20 अगस्त को मोदकों की भव्य झांकी20 अगस्त बुधवार को मोदकों की भव्य झांकी मंदिर में भगवान श्री गणेश के समक्ष सजाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए इस झांकी के दर्शन सुबह 5 बजे से शुरू हो जाएंगे। इस दिन मंदिर परिसर में बाहर से आया प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। झांकी का मुख्य आकर्षण 251-251 किलोग्राम के दो विशाल मोदक होंगे। इन दोनों के अलावा 51-51 किलोग्राम के 5 मोदक, 21-21 किलोग्राम के 21 मोदक, 1.25-1.25 किलोग्राम के 1100 मोदक और हजारों की संख्या में अन्य छोटे मोदक रखे जाएंगे। इस पूरी प्रसादी को बनाने में करीब 2500 किलोग्राम शुद्ध घी, 3 हजार किलोग्राम बेसन, 9 हजार किलोग्राम शक्कर और करीब 100 किलोग्राम सूखे मेवों का उपयोग किया जाएगा।21 अगस्त को पुष्य नक्षत्र जन्मोत्सव के तहत 21 अगस्त को पुष्य नक्षत्र पर भगवान श्री गणेश का पंचामृत अभिषेक होगा। इस दिन भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा का 251 किलोग्राम दूध, 25 किलोग्राम बूरा, 50 किलोग्राम दही, 11 किलोग्राम शहद और 11 किलोग्राम घी से अभिषेक किया जाएगा।22 से 26 अगस्त तक ध्रुपद व कत्थक22 अगस्त की शाम 7 बजे मंदिर परिसर में ध्रुपद गायन कार्यक्रम होगा। अगले तीन दिन यानी 23, 24 व 25 अगस्त की शाम को कत्थक नृत्य का कार्यक्रम होगा।26 अगस्त को सिंजारा और मेहंदी पूजनजन्मोत्सव के इस कार्यक्रम में 26 अगस्त को प्रथम पूज्य का सिंजारा मनाया जाएगा। मोतीडूंगरी गणेश जी मंदिर के महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में इस दिन गणेश जी को 3100 किलो मेहंदी धारण कराई जाएगी। ये मेहंदी पाली के सोजत से मंगवाई जाएगी। मेहंदी धारण के बाद इसे श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। मेंहदी प्रसाद वितरण की व्यवस्था मंदिर परिसर में पांच स्थानों पर होगी। मेहंदी वितरण पूजा के बाद रात्रि 7:30 बजे से किया जाएगा। महिला एवं कन्याओं के लिए डोरा एवं मेहंदी की व्यवस्था अलग पंक्ति में होगी। मोती सूत्र महिलाएं एवं पुरुष मंदिर में बांध सकते हैं। इसी दिन भक्ति संध्या व रात्रि जागरण का आयोजन भी होगा। शयन आरती 10 बजे होगी।चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे गणपति, धारण करेंगे स्वर्ण मुकुट26 अगस्त को भगवान गणेश जी महाराज का विशेष श्रृंगार होगा। इसमें भगवान को स्वर्ण मुकुट भी धारण करवाया जाएगा। यह मुकुट साल में सिर्फ एक बार गणेश चतुर्थी के दिन ही भगवान को धारण कराया जाता है। भगवान को विशेष पोशाक धारण करवाई जाएगी। चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे। श्रृंगार के दौरान गणेश जी को नौलखा हार जिसमें मोती, सोना, पन्ना, माणक आदि के भाव स्वरूप दर्शाए गए हैं, धारण कराया जाएगा। यह नौलखा हार महंत परिवार ने तीन महीने में तैयार किया है।27 अगस्त को जन्मोत्सव, 28 अगस्त को भव्य शोभा यात्राइस उत्सव के मुख्य दिन यानी 27 अगस्त को जन्मोत्सव के दिन मंदिर परिसर में दर्शन सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ शुरू हो जाएंगे। इसके बाद विशेष पूजन सुबह 11.20 बजे, श्रृंगार आरती 11.30 बजे, भोग आरती दोपहर 2.15 बजे, संध्या आरती शाम 7 बजे और शयन आरती रात्री 11.30 बजे होगी।28 अगस्त को भगवान श्री गणेश नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान मोती डूंगरी गणेश मंदिर से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। ये शोभा यात्रा शाम को मोती डूंगरी मंदिर से निकलकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर तक पहुंचेगी।27 अगस्त को जन्मोत्सव पर आरती का समयमंगला आरती-सुबह 4 बजे श्रृंगार आरती-सुबह 11:30 बजे भोग आरती – दोपहर 2:15 बजे भोग के लिए दोपहर 1.30 से 2:00 बजे तक पट मंगल रहेंगेसंध्या आरती – शाम 7 बजे शयन आरती – रात्रि 11.30 बजेएआई कैमरों से रहेगी सुरक्षा पर नजर4 एआई आधारित कैमरे अलग-अलग एंट्री पॉइंट पर लगाए गए हैं।सुरक्षा (कैमरे) एवं दर्शन व्यवस्था गणेश मन्दिर प्रन्यास प्रबन्धन की ओर से की गई है।दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए 6 डी.एफ.एम.डी. एवं 6 एच.एस. एम.डी. की व्यवस्था मन्दिर द्वारा दर्शनार्थियों के लिए की गई है।मन्दिर द्वारा लगाये गये 72 क्लोज सर्किट कैमरें से सभी गतिविधियों पर नज़र रखी जायेगी एवं 30 दिनों की रिकार्डिंग भी की जायेगी।दर्शन के लिए 6 लाईनें मन्दिर में आने की व 6 लाईनें मन्दिर से वापिस जाने की व्यवस्था की गई है।निशक्तजनों एवं वृद्धजनों के लिए विशेष रिक्शों की व्यवस्था की जायेगी।500 स्वयंसेवक व्यवस्था के लिए लगाये जायेगें ।नोटः भक्त जन अपने साथ कैमरा, अन्य सामान आदि न लाये। जे.डी.ए. सर्किल से मन्दिर तक एवं एम.डी. रोड़ पर भैरव पथ से बेरिकेटिंग रहेगी। साथ में रिजर्व बैंक से मन्दिर तक बेरिकेटिंग की व्यवस्था की गई है। भगवान श्री गणेश जी महाराज विराजमान मोती डूंगरी का जन्मोत्सव कार्यक्रम

1. 20 अगस्त, 2025 बुधवार मोदकों की झांकी।

2. 21 अगस्त, 2025 गुरूवार पुष्य पंचामृत अभिषेक प्रातः 8.00 बजे।

3. 22 अगस्त, 2025 शुक्रवार ध्रुपद गायन सांय 7.00 बजे। कत्थक नृत्य सायं 7.00 बजे।

4. 23 अगस्त, 2025 शनिवार कत्थक ताड़व नृत्य सायं 7.00 बजे।

5. 24 अगस्त, 2025 रविवार कत्थक नृत्य एवं संगीत संध्या सायं 7.00 बजे।

6. 25 अगस्त, 2025 सोमवार कत्थक नृत्य सायं 7.00 बजे।

7. 26 अगस्त, 2025 मंगलवार मेंहन्दी पूजन एवं सिंजारा सांय 7.00 बजे।

8. 27 अगस्त, 2025 बुधवार जन्मोत्सव दर्शन।

9 28 अगस्त, शोभायात्रा, शाम 4 बजे ।