कोलकाता पुलिस ने लॉ कॉलेज की छात्रा से कथित गैंगरेप के मामले में शुक्रवार सुबह क्राइम सीन रीक्रिएट किया। यह कार्रवाई चारों आरोपियों के साथ दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज ले जाकर की गई, जहां यह घटना 25 जून को हुई थी।
पुलिस की टीम सुबह करीब 4:30 बजे कॉलेज पहुंची और चार घंटे तक घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान तीन मुख्य आरोपी—मोनोजीत मिश्रा, प्रमित मुखर्जी, जैब अहमद—और कॉलेज का सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी भी मौके पर मौजूद थे।
क्राइम सीन के पुनर्निर्माण के बाद पुलिस सभी आरोपियों को वापस थाने ले आई। अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया से मिले तथ्यों को पीड़िता के बयान और अन्य सबूतों से मिलाकर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
मेडिकल रिपोर्ट और CCTV फुटेज से आरोपों की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, कॉलेज परिसर में लगे CCTV फुटेज में छात्रा को सुरक्षा गार्ड के कमरे की ओर जबरन ले जाने की तस्वीरें हैं। यह फुटेज 25 जून की दोपहर 3:30 बजे से रात 10:50 बजे तक की है।
वहीं 28 जून को आई मेडिकल रिपोर्ट में भी छात्रा के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में जबरदस्ती, शरीर पर काटने, खरोंचने और मारपीट के निशान पाए गए हैं।
न्यायिक प्रक्रिया और कोर्ट के निर्देश
मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा को अलीपुर कोर्ट ने 8 जुलाई तक हिरासत में भेज दिया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। गार्ड पिनाकी बनर्जी की पुलिस रिमांड 4 जुलाई तक तय की गई है, जिसे अदालत में पेश किया जाएगा।
इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूरे राज्य में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र संघ कार्यालयों को आगामी छात्र चुनाव तक बंद रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन कमरों का किसी भी अन्य गतिविधि के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। जरूरत पड़ने पर संबंधित यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार से अनुमति लेनी होगी।
फिलहाल, मामले की जांच कोलकाता पुलिस का डिटेक्टिव डिपार्टमेंट कर रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सबूत मजबूत हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।

