जयपुर, 27 मार्च। नगरीय विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा की गई सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा कि विधानसभा में 2 साल बनाम 5 साल पर जवाब देने से भागने वाले ‘इंतज़ार शास्त्र’ जैसी राजनीतिक नौटंकी के सहारे अपने कार्यकाल की विफलताओं को छिपा रहे हैं।
नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ‘कर्मशास्त्र’ की नीति पर विश्वास रखती है और धरातल पर दिखने वाले परिणाम ही हमारी पहचान हैं। उन्होंने सिविल लाइन्स आरओबी परियोजना के तथ्यों को सामने रखते हुए स्पष्ट किया कि इस परियोजना के 2021 में शुरू होने के बावजूद अक्टूबर 2022 तक केवल लगभग 9 प्रतिशत कार्य ही हो पाया और कांग्रेस सरकार के पूरे कार्यकाल में यह परियोजना मात्र 20 प्रतिशत तक ही पहुंच पाई थी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना की खामियों को दूर नहीं किया और इसे लटकाए रखा।
खर्रा ने कहा कि हमारी सरकार के गठन के बाद इस परियोजना में तेजी लाई गई और अब तक 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही, देरी के लिए संबंधित एजेंसी पर 1.07 करोड़ रुपये का अंतरिम जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि शेष कार्य दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा और इसे जनता को समर्पित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जनता को भ्रमित करने के बजाय अपने कार्यकाल की विफलताओं पर ईमानदारी से आत्ममंथन करना चाहिए।

