राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में लगाए गए अतिरिक्त कैमरे विपक्षी सदस्यों की बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए लगाए गए हैं। गहलोत ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया और इसकी जांच की मांग की।
गहलोत ने कहा, “संसद और विधानसभा में कैमरे लगे हैं और कार्यवाही लाइव होती है, इसमें कोई आपत्ति नहीं। लेकिन विपक्ष की निजी बातचीत रिकॉर्ड करना बेहद गलत है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में संसदीय कार्य मंत्री बार-बार बयान बदल रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के एक मुहावरे पर हुई चर्चा पर भी गहलोत ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अनुपस्थिति में इस तरह चर्चा कराना और टिप्पणियां करना परंपरा के खिलाफ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन सत्ता पक्ष आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स और यहां तक कि चुनाव आयोग भी दबाव में काम कर रहे हैं।
अतिवृष्टि पर चर्चा न कराने को लेकर भी गहलोत ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर इस विषय पर चर्चा होती तो सरकार को जमीनी स्तर का फीडबैक मिलता। गहलोत के मुताबिक, “आज प्रदेश में लोग कह रहे हैं कि राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची है।”

