राजस्थान में ग्रेड फोर्थ (चपरासी) भर्ती परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो गई है, जो 21 सितंबर तक प्रतिदिन दो पारियों में आयोजित होगी। जयपुर सहित प्रदेशभर के 1286 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन सख्त नियमों के बीच परीक्षाएं संपन्न हुईं।
सुबह की पारी में उम्मीदवारों को प्रवेश के दौरान हाथों और गले में बंधे धागे, अंगूठी व पायल तक उतरवाने पड़े। कई अभ्यर्थी समय से पहले केंद्रों तक दौड़ते हुए पहुंचे, जबकि देर से आने वाले परीक्षार्थियों को गेट पर रोक दिया गया। इससे कई जगह हंगामा भी हुआ।
बस्सी के सुरेश कुमार गुर्जर महज एक मिनट देर से पहुंचने के कारण परीक्षा नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि खराब परिवहन व्यवस्था और लो-फ्लोर बस से दूर छोड़े जाने के चलते उन्हें देरी हुई।
परीक्षा से जुड़ी प्रमुख बातें
- उच्च शिक्षित भी परीक्षा में – एमएससी, स्नातक और यहां तक कि आरएएस की तैयारी कर चुके युवा भी चपरासी भर्ती परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
- परिवहन की दिक्कतें – कई परीक्षार्थियों ने रोडवेज की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और ‘रोडवेज फ्री यात्रा’ के सरकारी दावे पर असंतोष जताया।
- भर्ती का पैमाना – 53,749 पदों के लिए करीब 24.75 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इनमें से 75% अभ्यर्थी न्यूनतम योग्यता से अधिक शिक्षित हैं। प्रत्येक पाली में लगभग 4.11 लाख उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं।

