जयपुर, 5 दिसंबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत और पंचायती राज, ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि राज्य सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु समुदायों से जुड़ी मांगों एवं उनसे जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि समुदाय की मांगों को सक्षम स्तर तक ले जाकर विधिसम्मत और कानून के दायरे में लाकर पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा।
गहलोत और देवासी ने शुक्रवार को अंबेडकर भवन के कांफ्रेंस हॉल में प्रदेश भर से आए विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ 5 घंटे की लंबी वार्ता करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार समुदाय के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर उन्हें समाज में सम्मान और अधिकार दिलाने का प्रयास करेगी।
मंत्रीगण ने सभागार में बैठे प्रत्येक प्रतिनिधि से विस्तारपूर्वक बातें सुनी और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस दौरान समुदाय द्वारा पूर्व में दी गई 15 मांगों पर संबंधित विभाग की तथ्यात्मक स्थिति से भी प्रतिनिधियों को अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि नीतिगत निर्णय लेने में समय लगता है। उन्होंने समुदायों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है।
इस दौरान राष्ट्रीय पशुपालक संघ एवं डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने वीडियो फिल्म और पीपीटी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से मांगों और मुद्दों को बताया और समाधान की मांग की। इस दौरान घुमंतु, अर्ध घुमंतु, विमुक्त जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया, राष्ट्रीय पशुपालक संघ के उपाध्यक्ष संस्थापक कपूर राईका, हिंगलाज माता छात्रावास संस्था के सदस्य भंवर राव, बागरिया समाज की अध्यक्ष गीता बागरिया, नाथ समाज डीएनटी संघर्ष समिति के संयोजक शेरसिंह आजाद, गाड़ियां लोहार प्रणवीर सेना के संगठन महामंत्री शंकर गाड़िया लोहार, राष्ट्रीय पशुपालक संघ के उपाध्यक्ष भीखू सिंह राईका, ऑल इंडिया डीएनटी वेलफेयर संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानसिंह सांसी, राष्ट्रीय पशुपालक संघ के सचिव सुखराम देवासी ने अपनी मांगें रखी और विस्तार से चर्चा की।
चर्चा के दौरान रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान निजी सचिव रोहित कुमार, अतिरिक्त निदेशक रीना शर्मा, अतिरिक्त निदेशक ओमप्रकाश मीणा, अतिरिक्त निदेशक जेपी बैरवा सहित कला एवं संस्कृति, राजस्व तथा संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

