जयपुर, 21 अप्रेल। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए आरोपों पर सख्त पलटवार किया है। तिवाड़ी ने कहा है कि अशोक गहलोत राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर बेबुनियाद बयानों से भ्रमजाल बुनने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। वह भ्रष्टाचार पर नहीं बोले तो ही अच्छा है। उनके कार्यकाल में तो घोटालों का रिकॉर्ड बना हुआ है। उनके मंत्री से लेकर अधिकारी तक सलाखों के पीछे हैं।
घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत ने आरजीएचएस को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में भुगतान न होने की वजह से इस योजना की सेवाएं बार-बार बाधित होती थी। इनकी गलतियों को ठीक करके आरजीएचएस योजना को अच्छे से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध रूप से सवा लाख से ज्यादा नौकरियां दी है और भर्ती कैलेंडर भी जारी किया जा चुका है। वह किस मुंह से बात कर रहे हैं, जबकि उनके कार्यकाल में पेपरलीक हुए थे।
घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत इंतजार शास्त्र की बात तो कर रहे हैं। लेकिन सरकार तो तब हिल रही थी, जब उनके उपमुख्यमंत्री अपने विधायकों को लेकर चले गए थे। वहीं मल्लिकार्जुन खडगे जब आए थे और विधायकों की मीटिंग बुलाई गई थी, तब भी सरकार हिली थी। राजस्थान की जनता ने तीन बार अशोक गहलोत की सरकार को हिलाया है। इसीलिए अब कांग्रेस का आलाकमान भी उनसे पीछा छुड़ाना चाहता है।
घनश्याम तिवाड़ी ने रिफाइनरी को लेकर कहा कि यह दुखद घटना है। इसकी जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत अपने गिरेबां में झांक कर देखें। पंचायतीराज का खाका इन्होंने ही बिगाड़ा था। अब सरकार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार इस वर्ग को चुनाव में आरक्षण के अधिकार का लाभ देना चाहती है। क्या अशोक गहलोत यह चाहते है कि ओबीसी आरक्षण के बिना ही पंचायतीराज चुनाव करवा लिए जाएं।
घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जितना भ्रष्टाचार अशोक गहलोत के कार्यकाल में हुआ उसे आज भी जनता याद करती है। जेजेएम घोटाले की चर्चा हर कोई करता है। इनकी डाली हुई पाईप लाइनों से पानी नहीं हवा निकलती है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत अपनी वरिष्ठता के अनुसार ही बयानबाजी करें और अपनी राजनीति बचाने के लिए अपने आलाकमान से बातचीत करें।

