देहरादून/जयपुर, 16 जून — उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के पास गौरीकुंड क्षेत्र में रविवार सुबह हुए एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे में सात लोगों की जान चली गई। मृतकों में जयपुर निवासी पायलट राजवीर सिंह चौहान भी शामिल हैं, जो सेना से लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त थे। वे पिछले नौ महीनों से आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ पायलट के रूप में कार्यरत थे।
हादसा रविवार सुबह करीब 5:20 बजे हुआ, जब राजवीर सिंह ने लैंडिंग से ठीक पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को अंतिम संदेश भेजा। इसके कुछ ही मिनटों बाद उनका हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें सभी की मौत हो गई।
गढ़वाल रेंज के आईजी के अनुसार, हादसे के बाद शव इस कदर क्षतिग्रस्त हो गए हैं कि उनकी शिनाख्त तुरंत नहीं हो सकी। सभी शवों की पहचान डीएनए जांच के जरिए की जाएगी, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।
राजवीर सिंह की मौत की खबर जैसे ही जयपुर स्थित उनके परिवार तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। उनके सहपाठियों, सैन्य साथियों और परिचितों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “केदारनाथ में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राजस्थान के पायलट और अन्य श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। बाबा केदार दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति दें।”
जांच के आदेश
हेलीकॉप्टर हादसे के कारणों की जांच के लिए प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। दुर्घटना के समय मौसम की स्थिति, तकनीकी खामी और पायलट के अंतिम संवाद की रिकॉर्डिंग को खंगाला जा रहा है।
केदारनाथ यात्रा के दौरान इस तरह की घटना ने सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

