बिहार की राजधानी पटना में शनिवार सुबह हुए सड़क हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा शाहजहांपुर के दनियावां-हिलसा स्टेट हाईवे 4 पर सिगरियावा स्टेशन के पास हुआ, जब एक ट्रक और ऑटो में आमने-सामने की टक्कर हो गई।
सात लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में नौ महिलाएं और ऑटो चालक शामिल हैं। सभी मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलावा गांव के रहने वाले थे और तीज पर्व पर गंगा स्नान के लिए फतुहा के त्रिवेणी जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान और गुस्सा
प्रत्यक्षदर्शी राजीव रंजन ने बताया, “सुबह करीब 6 बजे हादसा हुआ। ट्रक ने ऑटो को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसके परखच्चे उड़ गए।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक पास की सीमेंट फैक्ट्री का था और हादसे के बाद सीधे फैक्ट्री परिसर में चला गया।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और फैक्ट्री संचालक को बुलाने की मांग की। हादसे के बाद सड़क पर बिखरी चप्पलें, खून से सना ऑटो और चीखते-चिल्लाते परिजन घटनास्थल पर दर्दनाक मंजर पेश कर रहे थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा,
“सड़क का सबसे ज्यादा इस्तेमाल फैक्ट्री करती है। हादसे में शामिल ट्रक फैक्ट्री परिसर में मिला है। फैक्ट्री पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए और मुआवजा पीड़ित परिवारों को दिया जाना चाहिए।”
प्रशासन की कार्रवाई
हिलसा एसडीएम अमित कुमार पटेल ने मृतकों के परिजनों को 20 हजार रुपये का मुआवजा चेक सौंपा है। फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतकों में गंगा देवी (50), संजू देवी (60), दीपिका पासवान (35), कुसुम देवी (48), कंचन पांडे, बबीता देवी, रेणु देवी, उदेशा देवी और ऑटो चालक चंदन कुमार (30) शामिल हैं।

