राजस्थान में सिंथेटिक नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आईजी एएनटीएफ Vikas Kumar के नेतृत्व में टीम ने बाड़मेर जिले के चौहटन थाना क्षेत्र में अवैध सिंथेटिक ड्रग्स की लैब का खुलासा किया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
सूचना के आधार पर टीम बाड़मेर के बावड़ी गांव के सुनसान इलाके में स्थित एक टीन शेड कमरे तक पहुंची, जहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। घेराबंदी के दौरान एक आरोपी मौके से भागने की कोशिश करता हुआ मिला, जिसे तुरंत पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में रसायन और उपकरण बरामद किए गए, जिनका उपयोग एमडी ड्रग बनाने में किया जाना था, जिनमें मिथाइल सल्फो मेथेन, टोल्यून, हाइड्रोक्लोराइड और कास्टिक सोडा शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले शराब तस्करी से जुड़ा रहा है और बाद में अधिक मुनाफे के लालच में सिंथेटिक नशे के अवैध कारोबार की ओर मुड़ गया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी शुरुआती चरण में बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग बनाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही छापा मारकर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, जब्त सामग्री से कम समय में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ का उत्पादन संभव था, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को नशे की लत लगने का खतरा था। आईजी एएनटीएफ विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि नशे या आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी किसी भी सूचना को नियंत्रण कक्ष के नंबर पर साझा करें, ताकि ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

