हर्षित नागदा की रिपोर्ट
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को राजस्थान के बांसवाड़ा दौरे के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और राज्य में स्थानीय निकाय व छात्रसंघ चुनावों में देरी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा।
मीडिया से बातचीत में पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बने राम मंदिर के लिए लोगों ने अपनी श्रद्धा से दान दिया था, लेकिन अब ट्रस्ट में करोड़ों रुपये के कथित गबन के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में मुख्य जिम्मेदार लोगों के बजाय अन्य लोगों के नाम शामिल कर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने इसकी तुलना नेशनल हेराल्ड मामले से करते हुए कहा कि वहां नकद लेन-देन का आरोप नहीं है, फिर भी कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
पायलट ने राज्य सरकार पर पंचायत, शहरी निकाय और विश्वविद्यालय-कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव समय पर नहीं कराने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव कराने से बच रही है, जबकि वह लंबे समय से ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात करती रही है। उनके मुताबिक, चुनाव होने पर जनता को अपनी राय व्यक्त करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासकों के जरिए व्यवस्था चलने से आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर असर पड़ा है। पायलट ने दावा किया कि कांग्रेस आगामी चुनाव अपने दम पर लड़ेगी और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर राजनीतिक फैसले लिए जाएंगे।
इससे पहले पायलट ने कुशलगढ़ क्षेत्र के पोटलिया गांव में पूर्व प्रधान स्वर्गीय हुरतिंग खड़िया की नौवीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर शांति यज्ञ, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और निःशुल्क हृदय रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई विधायक, पूर्व मंत्री और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
बांसवाड़ा और कुशलगढ़ के दौरे के दौरान कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पायलट का स्वागत किया। दौरे के दौरान उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और रोजगार के मुद्दों पर भी बात की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और इसके बाद वह अपने अगले निर्धारित कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।

